गगरेट (ऊना)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोयल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व प्रवक्ता सतीश शर्मा उपस्थित थे। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और ड्रग और दवा में अंतर समझाया। सतीश शर्मा ने कहा कि अधिकांश अपराधों की जड़ नशा होता है। नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यह सांस की बीमारी, लीवर और फेफड़ों की खराबी, डर, मानसिक अस्थिरता, विवेक और बुद्धि की हानि तथा स्मरण शक्ति की कमजोरी जैसी समस्याएं उत्पन्न करता है। नशे का लगातार सेवन करने वाला व्यक्ति शीघ्र ही कमजोर और असहाय हो जाता है और जीवन की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो जाती हैं।
उन्होंने नशे से बाहर निकलने के उपाय बताते हुए कहा कि इसका सबसे बड़ा उपाय है- नशे करने वाले लोगों से दूरी बनाए रखना, नशा पूरी तरह छोड़ देना और सही आहार लेना। ऐसा करने से व्यक्ति नशे के प्रभाव से मुक्त होकर सामान्य जीवन जी सकता है।