ऊना। जिला के सबसे बड़े क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रात के समय महिला चिकित्सकों के लिए डाॅक्टर डयूटी रूम से लेकर चेंजिंग रूम तक कोई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। वहीं, अन्य पैरामेडिकल महिला स्टाफ के लिए ओटी से लेकर ओपीडी तक तमाम सुरक्षा व्यवस्थाएं भगवान के भरोसे ही हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में रात्रि को केवल पांच होमगार्ड जवान ही सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं। दिन में तो अस्पताल में 25 होमगार्ड विभिन्न ओपीडी और विभिन्न वार्डों में तैनात रहते हैं। ऐसे में दिन के समय में तो अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बनी रहती है, लेकिन रात के समय सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम नाकाफी हैं। क्षेत्रीय अस्पताल में जिलेभर से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल रोजाना 100 के करीब मरीज उपचार के लिए दाखिल भी किए जाते हैं। ऐसे में दिन में होमगार्ड के जवान ओपीडी व वार्ड में मुस्तैद रहते हैं। वहीं, रात होते ही सुरक्षा को लेकर व्यवस्थाएं राम भरोसे हो जाती हैं।
इसके अलावा रात के समय अगर मरीज के टेस्ट लेने पड़ें तो महिला स्टाफ को मातृ-शिशु अस्पताल के भवन का रुख करना पड़ता है। इस दौरान मातृ-शिशु अस्पताल भवन में सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में खास तौर पर महिलाओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। इस दौरान अस्पताल के स्टाफ व नर्सों की सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं रहती है। बता दें कि अस्पताल में कई बार चिकित्सकों के साथ बहसबाजी करने के मामले भी रात के समय कई बार सामने आ चुके हैं। इसके बाद भी सरकार की तरफ से मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को रात के समय पुख्ता करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
अस्पताल में तैनात महिला स्टाफ ने बताया कि रात के समय सरकार को अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। कई बार मरीजों के साथ आए तीमारदार भी बहसबाजी करना शुरू कर देते हैं। कुछ तो रात को गायनी वार्ड में चले जाते हैं, जबकि उस वार्ड में पुरुषों के जाने की मनाही है। अगर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो तो वार्ड में इस प्रकार से कोई भी न जा पाए।
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एचएमओए ऊना प्रेस सचिव डॉ. चेतना मोदगिल और राज्य केंद्रीय समन्वय समिति के सदस्य डाॅ. गौरव धीमान का कहना है कि क्षेत्रीय अस्पताल को छोड़कर सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुरक्षा कर्मी नहीं है। ऐसे में रात के समय तैनात मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा राम भरोसे ही होती है।
मेलों के दौरान दिन में कम कर दिया जाता है स्टाफ
क्षेत्रीय अस्पताल में होमगार्ड के जवान ही सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं, लेकिन जिले में आयोजित होने वाले मेलों व अन्य आयोजनों के दौरान अस्पताल में तैनात होने वाले होमगार्ड जवानों की संख्या में कटौती कर दी जाती है। ऐसे में अस्पताल में 10 से 15 जवान ही सुरक्षा का जिम्मा संभालते हैं।
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अस्पताल में होमगार्ड के जवान ही सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं। दिन में इनकी संख्या 25 रहती है। रात के समय केवल पांच जवान ही तैनात होते हैं। इनकी संख्या बढ़ाने के लिए कमांडेंट होमगार्ड को पत्र लिखा गया है।। उम्मीद है कि रात के समय भी जवानों की संख्या में इजाफा होगा।
डॉ. संजय मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना