ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत हो गई। मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही बरतने और समय पर उपचार न देने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कर करवाई गई है।
शिकायत में परिजनों ने क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन पर प्रसव के बाद महिला और नवजात की लापरवाही के चलते मौत होने के आरोप लगाए हैं। इस मामले पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के जांच करने के आदेश जारी किए हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने इस मामले पर गंभीरता से जांच कर विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जिला के हरोली उपमंडल के तहत नगनोली पंचायत की गर्भवती महिला को 24 जून को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल में दाखिल करवाया। अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ ने उक्त महिला का 24 जून को दोपहर 12 बजे के करीब ऑपरेशन किया। इसके बाद महिला को नवजात सहित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया आपरेशन के करीब 17 घंटे तक महिला को देखने के लिए कोई भी चिकित्सक नहीं आया। परिजनों ने बताया कि उक्त महिला की जब तबीयत अधिक खराब होने लगी तो 17 घंटे के बाद 25 जून को सुबह पांच के करीब एक चिकित्सक ने महिला और नवजात को आनन-फानन में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। यहां 25 जून की दोपहर महिला ने दम तोड़ दिया। 26 जून को नवजात बेटे की भी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि क्षेत्रीय अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के वजह से महिला और नवजात की मौत हुई है। अगर क्षेत्रीय अस्पताल में समय रहते उक्त महिला को उपचार मिला होता तो उसकी मौत न होती। इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी जांच की मांग करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं।
इस मामले पर क्षेत्रीय अस्पताल के एमएस डॉ. निर्दोष भारद्वाज ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आया है। इस मामले की एसएमओ की देखरेख में जांच करवाई जाएगी।