ऊना। जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों और आयुष वेलनेस केंद्रों में दवाइयों की भारी कमी चल रही है। आलम यह है कि दवाइयों का स्टॉक तो जिला स्तर पर पहुंच गया है लेकिन जांच रिपोर्ट न आने से केंद्रों में वितरण नहीं हो पा रहा है। दवाइयों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। हालात ये हैं कि उपचार के लिए पहुंच रहे मरीजों को जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रहीं, जिससे उन्हें रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई आयुष वेलनेस केंद्रों पर स्थिति एक जैसी बनी हुई है। मरीजों का कहना है कि कफ, बुखार, जोड़ों के दर्द, पाचन संबंधी बीमारियों सहित अन्य सामान्य रोगों की दवाइयां भी लंबे समय से उपलब्ध नहीं हैं। चिकित्सकों द्वारा पर्ची लिखे जाने के बाद भी जब मरीजों को दवाएं नहीं मिलतीं तो उन्हें निजी मेडिकल स्टोरों में जाना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह स्थिति परेशानी पैदा कर रही है। विभाग की तरफ से उच्च अधिकारियों को दवाइयों का स्टॉक व वितरण से पहले लैब रिपोर्ट मुहैया करवाने को लेकर कई बार सूचित किया गया है। इसके बाद भी अभी तक रिपोर्ट नहीं आ पाई है। इससे वितरण का कार्य प्रभावित हो गया है। वर्तमान में जिले में पांच आयुर्वेदिक अस्पताल हैं। इसके अलावा जिले में 51 आयुष वेलनेस सेंटर हैं। साथ ही 19 आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। ऐसे में इन सभी स्वास्थ्य संस्थानों में अव्यवस्था का आलम बना हुआ है। मरीजों के अलावा चिकित्सकों को भी ऐसे में आए दिन परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दवाइयों का कुछ स्टॉक तो जिला मुख्यालय पहुंचा है लेकिन विभाग की तरफ से दवाइयों की जांच से संबंधित लैब रिपोर्ट नहीं मिल पाई है। उम्मीद है कि जल्द ही रिपोर्ट आने पर वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी ऊना