सक्रिय पदाधिकारियों में जगी अहम पदों पर आसीन होने की उम्मीद
विधायकों के करीबी या अन्य कदावर नेताओं को मिलेंगे पद
वन मेन वन पोस्ट कांग्रेस सिद्धांत के दायरे में आएंगे नेताओं के चहेते
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश में जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी भंग कर दी है। कांग्रेस हाईकमान के इस फैसले से प्रदेश सहित ऊना जिला में भी पदों पर आसीन कांग्रेस पदाधिकारी में खलबली मच गई है। ऊना जिले में सदर ऊना, बंगाणा, गगरेट, हरोली और चिंतपूर्णी सहित पांच कांग्रेस के ब्लॉक हैं। जबकि, जिला अध्यक्ष के पद पर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के करीबी राणा रणजीत सिंह मनकोटिया आसीन है। वहीं, दूसरी ओर सरकार में भी निगम के उच्च पद पर आसीन है। प्रदेश से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर तक अध्यक्ष सहित कार्यकारिणी भंग किए जाने से अब अंदर खाते ऊना जिले में ब्लॉक अध्यक्ष के लिए प्रक्रिया तेज हो गई है। दूसरी ओर नए चेहरों को भी अवसर मिलने की आस जग गई है। संगठन में सक्रिय और निष्क्रिय की भूमिका का भी आकलन लगाकर जिले से लेकर ब्लॉक स्तर के पदों पर अवसर मिलेंगे। संगठन और सरकार में तालमेल रखने वालों को तवज्जो दी जाएगी। कांग्रेस पार्टी के वन मैन वन पोस्ट के अनुशासन का भी अनुसरण देखने को मिलेगा। जिसके चलते जिला ऊना में जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारी में नए रक्त का संचार होगा। वर्तमान में जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अहम पदों पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र के विधायकों के चहेते आसीन है। अब देखना बाकी है कि कांग्रेस हाईकमान के एकाएक प्रदेश से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणी भंग करने के बाद किस नेता और विधायक के चहेतों को अवसर मिलता है। संगठन में सक्रिय भूमिका में रहे पदाधिकारी को उच्च पद पर आसीन करने का अवसर मिल सकता है और उनके संगठन के प्रति कर्तव्य निष्ठा और मेहनत का भी फल नए पद पर विराजमान होने से मिल सकता है। वर्तमान में जिला अध्यक्ष के पद पर राणा रणजीत सिंह मनकोटिया जबकि सदर ब्लाॅक के पद पर रविंदर सहोड, गगरेट ब्लॉक कांग्रेस के पद पर सुरेंद्र ठाकुर, बंगाणा ब्लॉक कांग्रेस के पद पर राम आश्रा शर्मा, हरोली के पद पर विनोद बिट्टू, चिंतपूर्णी ब्लॉक कांग्रेस के पद पर डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा आसीन रहे। नए सिरे से जिला और ब्लॉक स्तर तक उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह जिला सहित गृह विधानसभा क्षेत्र में किस चेहरे को अहम पद पर तैनाती मिलेगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। दूसरी ओर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में प्रदेश में संगठन और सरकार की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला लिया है। फिलहाल ब्लॉक और जिला स्तर की कार्यकारिणी भंग होने से कांग्रेस पार्टी के नेताओं में अंदर खाते खलबली मच गई है।