बड़ूही (ऊना)। ग्राम पंचायत बेहड़ जस्वां के गांव बेहड़ कांशी वार्ड नंबर-6 में आबादी के बीच कब्रिस्तान के लिए सरकारी भूमि आवंटित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का दावा है कि प्रस्तावित स्थल घरों से महज 50 मीटर की दूरी पर है। ग्रामीणों ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उन्हें विश्वास में लिए बिना कार्रवाई की गई।
वहीं, आरटीआई के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों और तत्कालीन पंचायत की ओर से जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है।
ग्रामीणों प्रदीप चौधरी, नरेश कुमार, शाम सुंदर, सुदर्शन चौधरी, सोमनाथ, जोगिंदर कुमार, कृष्ण कुमार, मीनाक्षी देवी, रेणु बाला और सुनीता देवी ने बताया कि उन्हें भूमि आवंटन की जानकारी तब मिली, जब संबंधित समुदाय के लोग मौके पर तारबंदी करने पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के बीच कब्रिस्तान बनने से भविष्य में लोगों को परेशानी हो सकती है।
उन्होंने प्रशासन से मामले की दोबारा जांच करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी आपत्तियों का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा एसडीएम अंब को ज्ञापन सौंपकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं, सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई है। एसडीएम अंब पारस अग्रवाल ने कहा कि भूमि का आवंटन सभी आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद किया गया है।
यदि ग्रामीणों को प्रस्तावित स्थल पर आपत्ति है और वे विरोध कर रहे हैं तो उनकी समस्या को देखते हुए किसी अन्य स्थान पर भूमि उपलब्ध कराने के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा।
ग्राम पंचायत बेहड़ जस्वां की प्रधान अनुराधा ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पंचायत के समक्ष आई है। पंचायत मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रही है और विवाद खत्म करने के लिए दूसरे स्थान पर भूमि तलाशने पर भी विचार किया जा रहा है।