नगर निगम आयुक्त महेंद्र पाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपते ग्रीन एवेन्यू वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकार
ग्रीन एवेन्यू एस्टेट वेलफेयर एसोसिएशन ने जताई कड़ी नाराजगी
एसोसिएशन ने कहा, चुनी हुई संस्था को दरकिनार करना गलत
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। शहर से सटी ग्रीन एवेन्यू एस्टेट रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन कॉलोनी को नगर निगम में शामिल करने और नहीं करने के मामले पर अब दो पक्ष आमने-सामने हो गए हैं। इसे लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नगर निगम आयुक्त महेंद्रपाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपा। वेलफेयर एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि उनकी संस्था हमेशा सरकार के फैसलों के साथ खड़ी रही है लेकिन कुछ लोग निजी स्वार्थ व स्थानीय निवासियों की ओर से चुनी गई संस्था को दरकिनार कर अलग अभियान चला रहे हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा और महासचिव संजय शर्मा और अन्य सदस्यों संजय वशिष्ट, सुरेंद्र मोहन शर्मा, विनोद धीमान, ओम प्रकाश शर्मा, राजकुमार और वरुण मेहन ने बयान जारी कर कहा कि यह तरीका पूरी तरह से गलत है। बताया कि एस्टेट के कुछ लोग घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। जबकि यह काम पहले से चुनी हुई संस्था की अनुमति के बिना किया जा रहा है। संगठन ने तर्क दिया कि प्रदेश सरकार ने पहले भी करीब 13 ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल किया। उस समय किसी प्रकार का हस्ताक्षर अभियान नहीं हुआ। उस दौरान कई जगहों पर लोगों ने विरोध भी किया। फिर भी सरकार ने उन्हें नगर निगम का हिस्सा बना दिया। इसके विपरीत ग्रीन एवेन्यू वेलफेयर एसोसिएशन ने स्वयं नगर निगम में शामिल होने का प्रस्ताव सरकार को दिया था। अब जब चुनाव आयोग ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है, तब कुछ लोग एसोसिएशन को बाईपास कर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं। एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इस मामले में चुनी हुई संस्था को ही प्राथमिकता दी जाए और उन लोगों पर अंकुश लगाया जाए जो गुप्त रूप से भ्रामक अभियान चलाकर स्थानीय निवासियों को गुमराह कर रहे हैं। इस मामले पर नगर आयुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने कहा कि मांग पत्र मिला है। इस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।