संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल में डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को अब तीसरी मंजिल पर जाकर डायलिसिस नहीं करवाना पड़ेगा। अस्पताल में अब धरातल पर ही जल्द डायलिसिस वार्ड को शिफ्ट किया जाएगा। इसके अलावा ओपीडी के बाहर लगने वाली मरीजों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक टोकन सुविधा को भी शुरू किया जाएगा।
इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए बुधवार को आयोजित रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में निर्देश दिए गए। जानकारी के अनुसार आरकेएस का वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1.60 करोड़ रुपये का बजट भी पारित किया गया। क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन मातृ-शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) ब्लॉक एक माह के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा।
इस ब्लॉक के बनने के बाद क्षेत्रीय अस्पताल की तीसरी मंजिल पर चल रहे डायलिसिस वार्ड को धरातल पर शिफ्ट किया जाएगा। इससे डायलिसिस करवाने आए रोगियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा रोगियों को बैठने के लिए बेंचों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। वहीं, अस्पताल में तीन नए निजी कमरे रोगियों के लिए तैयार किए जाएंगे।
इस मौके पर उपायुक्त एवं रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष राघव शर्मा ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में पिछले वर्ष स्वीकृत मरम्मत और रखरखाव के लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू बहल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुखदीप सिद्धू और क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमन शर्मा सहित आरकेएस कमेटी के सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य बैठक में मौजूद रहे।
दिव्यांग रोगियों के लिए बनेगी दो वाहनों की पार्किंग
अस्पताल के प्रवेश द्वार पर दिव्यांग रोगियों के लिए दो वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। क्षेत्रीय अस्पताल में रोगियों की शिकायतों के निवारण के लिए चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में शिकायत पट्टिका लगाई जाएगी। आपातकाल सेवाएं कक्ष को भी खुला करके वहां पर बिस्तर क्षमता को बढ़ाया जाएगा।