दिव्य गोकथा में सनातन संस्कृति का परिचय दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक (ऊना)। गोंदपुर बनेहड़ा के श्री राधे-कृष्णा मंदिर में आयोजित दिव्य गो भागवत कथा का रविवार को विधिवत एवं भक्तिमय समापन हो गया। 14 से 16 फरवरी तक चली इस पावन कथा में चंद्रकांत महाराज, गो सेवा प्रमुख पंजाब ने श्रद्धालुओं को गोमाता के महत्व, भक्ति, सेवा और सनातन संस्कृति का दिव्य संदेश दिया। विशेषकर पंच बिंदुओं समरसता, पर्यावरण रक्षा, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्यों के बारे में समझाया। समापन दिवस पर भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था। चंद्रकांत महाराज के ओजस्वी वचनों और मधुर भजनों ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गाय हमारी माता है, यह स्वर्ग से भी पावन नाता है... जैसे भजन सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में डूब गए। पूरे पंडाल में राधे कृष्ण, गोमाता की जय के जयघोष गूंज उठे। कथा समापन पर हवन-पूजन और महाआरती का आयोजन हुआ। इसमें सभी भक्तों ने पूर्ण आस्था के साथ भाग लिया। गोमाता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधान सुरेश पंडित ने कहा कि गो सेवा से ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। उन्होंने सभी को गोरक्षा और सेवा का संकल्प दिलाया। कथा के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।