नंदपुर (ऊना)। अंब क्षेत्र की कलरूही पंचायत में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। कथा व्यास गणेश दत्त शास्त्री ने अजामिल चरित्र का भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी वर्णन करते हुए बताया कि मनुष्य चाहे कितना भी पापी क्यों न हो, यदि वह जीवन के अंतिम क्षणों में भी भगवान का नाम स्मरण करे तो उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। भगवान के नाम की महिमा असीम है। आवश्यक है केवल निर्मल भावना और श्रद्धा। शास्त्री ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्म यह संदेश देता है कि जब धर्म पर संकट आता है, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर अधर्म का नाश करते हैं और धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से जीवन में सत्य, प्रेम और सेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा के अंत में भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। कथा प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसका समापन 18 अक्तूबर को हवन और पूर्णाहुति के साथ होगा।