चिंतपूर्णी में मां के दर्शन के िलए जाते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए रात 2 बजे ही खोल दिए गए थे। सुबह से ही मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंजता रहा। दूसरी ओर तलवाड़ा बाईपास पर बार-बार जाम लगे रहने से श्रद्धालु परेशान होते रहे।
कई बसें भी जाम में फंसी रहीं। मां के दर्शन के लिए लगी कतारें दोपहर तक लुधियाना धर्मशाला पार कर चुकी थीं। लेकिन, गर्मी में लंबी लाइनों में धूप से बचने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। दूसरी ओर पौड़ी बाजार की ओर से कई श्रद्धालु लाइनों में घुसपैठ करते देखे गए, जिससे श्रद्धालुओं में एक-दो बार धक्का मुक्की भी हुई। मंदिर न्यास की पानी की टंकीयों में फायर बिग्रेड की गाड़ी से पानी भरा गया, लेकिन लाइनों में यह नाकाफी साबित हुआ। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि नवरात्र मेलों से व्यवस्था में तबदीली कर लाइनों में श्रद्धालुओं को पानी पिलाने के लिए अस्थायी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। रविवार के दिन 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दरबार शीश नवाया।