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Una News: टकारला पंचायत में विकास अधूरा, मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण

Thu, 02 Apr 2026 06:19 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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टकारला पंचायत समाुदयिक भवन।
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बडूही (ऊना)। उपमंडल अंब के अंतर्गत आने वाली टकारला पंचायत में पिछले पांच वर्षों के दौरान विकास कार्यों पर 2 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाने के बावजूद समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
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टकारला पंचायत भौगोलिक दृष्टि से पहले काफी बड़ी थी। वर्ष 2015 में इससे अलग होकर धंधड़ी पंचायत का गठन हुआ जिसके बाद टकारला की जनसंख्या घटकर 2849 रह गई। पंचायत में कुल 1873 मतदाता हैं, जिनमें 938 पुरुष और 935 महिला मतदाता शामिल हैं।

वर्ष 2015 में पंचायत में प्रधान पद ओबीसी पुरुष वर्ग के लिए आरक्षित था जबकि 2020 में इसे महिला अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित किया गया, जिसमें रेनू बाला को प्रधान चुना गया। रेनू बाला ने 120 वोट के अंतर से द्रोपदी देवी को हराया। सरकार का उद्देश्य बड़ी पंचायतों को विभाजित कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना होता है लेकिन टकारला पंचायत में जनसंख्या कम होने के बावजूद मूलभूत समस्याएं आज भी बरकरार हैं।
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हालांकि कुछ विकास कार्य पूरे हुए हैं। पंचायत द्वारा कई पुरानी समस्याओं का समाधान भी किया गया लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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पिछले पांच साल के कार्यकाल में

वार्ड नंबर 5 में संपर्क मार्ग अब तक अधूरा है। पानी जमा होने पर बरसात में आवागमन बाधित रहता है। वार्ड नंबर 4 में आज तक रास्ता नहीं होने से ग्रामीण बरसात के दिनों में शेष पंचायत से कट जाते हैं। पंचायत भवन छोटा है और बहुत पहले बना है। एक ही भवन में डाकघर, पशु चिकित्सालय व पंचायत कार्यालय संचालित है। ग्राम सभा के दौरान बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। स्कूल परिसर में बरसात के दौरान जलभराव से हादसे का खतरा रहता है।

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2 करोड़ 50 लाख खर्च, फिर भी समस्याएं बरकरार

पंचायत में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद वार्ड 5 और 4 सहित कई क्षेत्रों की समस्याएं अभी भी हल नहीं हो पाई हैं।

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ये कार्य हुए पूरे

1.वर्षों पुरानी खेल मैदान की मांग पूरी

2.जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन

3.वार्ड 6 में सामुदायिक भवन का निर्माण

4.मुख्य स्थानों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था

5.अंबोटू गांव में पेयजल समस्या का समाधान

6.सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचा

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ये कार्य अभी अधूरे

1.वार्ड 5 में रास्ते की समस्या बरकरार

2.पंचायत भवन का विस्तार नहीं

3.स्कूल में जलभराव की समस्या कायम

4.डाकघर व पशु चिकित्सालय के लिए अलग भवन नहीं

5.बरसाती पानी की निकासी का स्थायी समाधान नहीं

6.वार्ड नंबर 4 (साधा दा चौ) के ग्रामीण रास्ता नहीं होने से परेशान।

7.पंचायत में बड़ा सामुदायिक भवन नहीं बन पाया

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क्या कहते हैं ग्रामीण

मनजीत सिंह (वार्ड 5) का कहना है कि पानी निकासी और रास्ते की बड़ी समस्या है। हर बार सिर्फ वादे किए जाते हैं लेकिन समाधान नहीं होता।
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डॉ. नरेश कुमार (वार्ड 4) का कहना है कि पेयजल में सुधार समेत कई कार्य हुए हैं लेकिन वार्ड नंबर 4 के ग्रामीण बरसात में नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं आजादी के 78 साल भी रास्ते का निर्माण नहीं हो पाया।
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ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

1 मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान हो

2.पंचायत में एक बड़ा सामुदायिक भवन हो

3.बरसाती पानी की निकासी का स्थायी समाधान हो

4 ग्रामीणों को सड़क की सुविधा सुनिश्चित हो

5, वार्ड नंबर 5 और 6 के ग्रामीणों की समस्या का समाधान प्राथमिकता से हो,

6 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टकारला का सुधार हो

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क्या कहते हैं अधिकारी व नेता



जोगिंदर पाल (पंचायत सचिव) का कहना है कि मनरेगा के तहत 1.20 करोड़ रुपये से 96 कार्य किए गए हैं। कुछ कार्य जमीनी विवाद और पंचायती भूमि की कमी के कारण लंबित हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा।

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बलबीर धीमान (जिला भाजपा सचिव) का कहना है कि फंड की कमी के कारण पंचायतों में विकास प्रभावित हो रहा है। कई घोषणाएं कागजों तक सीमित रह जाती हैं। पिछले 3 सालो में जनता कांग्रेस सरकार से परेशान हो चुकी है
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डॉ. राजपाल शर्मा (जिला कांग्रेस सेवादल अध्यक्ष) का कहना है कि कुछ कार्य तकनीकी कारणों से लंबित हैं जिन्हें जल्द पूरा किया जाएगा। पंचायतों में विकास कार्य लगातार जारी हैं। पंचायतों में पैसे की कोई कमी नहीं है।
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