विभाग ने सभी स्कूलों के 20 दिसंबर तक सभी आयोजन पूरे करने को कहा था
कई स्कूलों ने आने वाले कुछ दिनों में समारोह की घोषणा की
विभाग ने बच्चों की पढ़ाई के मद्देनजर जल्द समारोह पूरे करने के दिए थे निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्कूलों में वार्षिक समारोह को लेकर शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा। निदेशालय की ओर से बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए वार्षिक समारोह 20 दिसंबर तक आयोजित करने की हिदायत दी गई लेकिन इसके बाद भी कई स्कूलों में वार्षिक समारोह मनाने की योजना है। इसको लेकर तिथियां व मुख्य अतिथि तक निर्धारित कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में बीते कई दिन से वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का लगातार आयोजन चल रहा है। इन कार्यक्रमों के चलते कई स्कूलों में अभिभावकों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर चिंता जाहिर की। इस बीच निदेशालय ने सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिए कि अगले सत्र में नवंबर के भीतर ही वार्षिक समारोह पूरे कर लिए जाएं। जबकि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 20 दिसंबर तक सभी वार्षिक समारोह पूरे करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय ने अपने अपने निर्देश में तर्क दिया कि दिसंबर से मार्च तक विद्यार्थियों की पढ़ाई का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान बच्चों की पढ़ाई किसी भी वजह से प्रभावित नहीं होनी चाहिए। हालांकि, वर्तमान में स्कूलों में वार्षिक समारोह का आयोजन लगातार चल रहा है। क्षेत्र के कई अभिभावकों ने भी इन आयोजनों पर वार्षिक परीक्षाओं तक रोक लगाने का आग्रह किया। इसके बावजूद कुछ निजी व सरकारी स्कूल आने वाले 10 दिनों में वार्षिक समारोह आयोजित कर रहे हैं।
स्कूलों में घुसी राजनीति : परिजन
परिजनों में विनोद शर्मा, सुरेंद्र कुमार, अजय सिंह, रविंद्र कुमार, सुखपाल सिंह ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में राजनीति घुस चुकी है। कुछ राजनीतिक चेहरों के व्यस्त होने पर वार्षिक समारोह टाल दिए जाते हैं। जबकि इन्हें नवंबर में ही समाप्त किया जा सकता है। कहा कि इससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर हो रहा है।
कोट्स
सभी स्कूलों में 20 दिसंबर तक वार्षिक समारोह आयोजित करने की हिदायत है। जिन स्कूलों में इससे बाद की तिथियों में कार्यक्रम हो रहे हैं, उसके बारे में जानकारी ली जाएगी। अगर कोई लापरवाही मिली तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, जिला उच्च शिक्षा विभाग।