फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: अवसाद और धैर्य की कमी बन रहे आत्महत्या का कारण

विज्ञापन
विज्ञापन
ऊना। जीवन अनमोल है। इस तथ्य की समझ कम होती जा रही है। आए दिन समाज में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इस पर रोकथाम लगाने के लिए समाज में जागरूकता बेहद जरूरी है। लोगोंं में जागरूकता की कमी, अकेलापन, नशा और धैर्य की कमी के चलते ही अवसाद से संबंधित मरीज बढ़ जाते हैं। यही अवसाद के मरीज आगे चलकर आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं। बीते कुछ समय में मनोरोग विशेषज्ञ ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आजकल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में जहां लोग सही खानपान न होने के चलते विभिन्न बीमारियों की जकड़ में आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मानसिक तनाव के चलते भी लोग मानसिक रोगों का शिकार हो रहे हैं। बीते वर्ष भी जिले में 174 आत्महत्या के मामले सामने आए थे। वर्ष 2024 में जुलाई तक 121 लोगों ने आत्महत्या की है। दूसरी तरफ क्षेत्रीय अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ ओपीडी में भी रोजाना 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। आत्महत्या रोकथाम के लिए हर वर्ष 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के रूप में मनाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मनोरोगी का उपचार समय पर शुरू कर दिया जाए। साथ ही मरीज के परिवार के सदस्य भी उसे इन परिस्थितियों से बाहर लाने में प्रेरित करते रहें तो आत्महत्या जैसे मामलों को कम किया जा सकता है। आज के दौर में हर आयु वर्ग में अवसाद के मामले सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन


बॉक्स : ऐसे करें बचाव
मानसिक रोगों से दूर रहने के लिए सबसे पहले जीवन को व्यस्त रखें। अगर मानसिक तौर पर कोई दिक्कत होती है तो समय खराब न करते हुए मनोरोग विशेषज्ञ के पास जाकर उपचार करवाएं जिससे सही मार्गदर्शन और परिजनों के सहयोग से मनोरोगी को पूरी तरह से स्वस्थ किया जा सके।

क्षेत्रीय अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ ओपीडी में रोजाना 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें अवसाद और तनाव के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। यही अवसाद आगे चलकर आत्महत्या जैसे विचारों को जन्म देता है। इसलिए जीवन में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। -डाॅ. नवदीप जोशी, मनोरोग विशेषज्ञ ऊना।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें