स्वर्णकारों के साथ वीजेपी प्रदेश अध्य़क्ष।
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स्वर्णकारों की आभूषणों पर कर को कम करने की मांग केंद्र सरकार के समक्ष उठाई जाएगी। यह बात प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कही। सत्ती रविवार को एमसी पार्क में हड़ताल पर बैठे स्वर्णकारों से मिले।
उन्होंने स्वर्णकारों की मांग को तर्कसंगत करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बजट में आभूषणों पर जो टैक्स लगाने का प्रावधान किया है, उस पर पुनर्विचार करने के लिए मामले को वित्त मंत्री अरुण जेटली तथा सांसद अनुराग ठाकुर के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो भी प्रावधान बजट में किए हैं, वे कई बातों को सोच कर किए जाते हैं। जनता के फीडबैक और मांग के अनुसार इन पर पुनर्विचार भी करती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आम आदमी की सरकार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ईपीएफ पर कर के प्रावधान को वापस लेकर लाखों कर्मचारियों को राहत प्रदान की है। इसी प्रकार सरकार से स्वर्ण आभूषणों पर कर के प्रावधान पर पुनर्विचार की मांग उठाई जाएगी। सत्ती ने कहा कि व्यापारी देश के विकास की रीढ़ की हड्डी हैं। स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष सोमनाथ ने सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी का निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई है।
पिछले 12 दिन से जिले के स्वर्णकार एमसी पार्क के आगे धरने पर बैठे हुए हैं। जिला स्वर्णकार संघ के प्रधान ने कहा कि वित्त मंत्रालय की ओर से थोपी गई ये शर्तें सरासर गलत हैं। उन्होंने कहा कि कारीगर के पास माल का हिसाब या सोने का हिसाब न पाए जाने पर सोना जब्त होगा। फाइन गोल्ड सरकारी संस्था से चेक के माध्यम से खरीदना पड़ेगा। दो लाख से अधिक जेवरात खरीदने पर पैन कार्ड नंबर एवं टीडीएस ग्राहक को देना होगा। इन सभी नियमों के लागू होने से स्वर्णकारों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा जो इस वर्ग के साथ सरासर अन्याय है। इस अवसर पर स्वर्णकार संघ के महासचिव विजय कोहली, विक्रम, जनक, प्रिंस, अवतार धीमान, सतीश सहित अन्य स्वर्णकार भी उपस्थित रहे।