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Una News: साझा जमीन पर निर्माण रोकने की मांग खारिज

Wed, 09 Sep 2026 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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दुलैहड़ (ऊना)। मैहतपुर बसदेहड़ा में संयुक्त जमीन पर निर्माण रोकने के लिए दायर अपील को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 की अदालत ने खारिज कर दिया है।
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अदालत ने कहा कि केवल जमीन में संयुक्त हिस्सेदारी होने के आधार पर किसी सह-हिस्सेदार को निर्माण से रोकने के लिए अंतरिम निषेधाज्ञा नहीं दी जा सकती। इसके लिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि निर्माण से उसके कब्जे, अधिकार, आने-जाने या जमीन की उपयोगिता पर किस तरह प्रतिकूल असर पड़ेगा।
मामला मैहतपुर बसदेहड़ा के उप मोहाल की 164.20 वर्ग मीटर संयुक्त जमीन से जुड़ा है। महिला ने सिविल कोर्ट में स्थायी निषेधाज्ञा का मुकदमा दायर कर आरोप लगाया था कि सह-हिस्सेदार संयुक्त जमीन पर निर्माण कर रहा है और इससे उसके अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
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उसने निर्माण रोकने के लिए अंतरिम राहत भी मांगी थी। सीनियर सिविल जज ऊना ने 9 जून 2026 को अंतरिम निषेधाज्ञा की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ महिला ने एडीजे-1 की अदालत में अपील की। अपील में कहा गया कि जमीन का बंटवारा नहीं हुआ है और निर्माण से उसके हिस्से पर असर पड़ेगा।
तस्वीरों में मौके पर निर्माण और जेसीबी होने का भी हवाला दिया गया। एडीजे-1 ने 7 सितंबर को सुनाए फैसले में कहा कि महिला ने अपनी अर्जी में यह स्पष्ट नहीं किया कि वह संयुक्त जमीन के किस हिस्से पर कब्जे में है, निर्माण किस सटीक हिस्से में हो रहा है और उससे उसके अधिकार किस तरह प्रभावित होंगे।
दूसरी ओर प्रतिवादी ने दावा किया था कि दोनों पक्ष आपसी व्यवस्था के तहत अलग-अलग हिस्सों का उपयोग कर रहे हैं और महिला अपना हिस्सा पहले ही कवर कर चुकी है। अदालत ने कहा कि अंतरिम राहत के लिए प्रथम दृष्टया मामला, सुविधा का संतुलन और अपूरणीय क्षति तीनों आधारों को स्थापित करना जरूरी है।
अपीलीय स्तर पर नया तथ्यात्मक आधार जोड़कर ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी।
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