बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ विस क्षेत्र में अवैध कटान पिछले कई वर्षों से हो रहा है। यही स्थिति रही तो वह दिन दूर नहीं, जब कुटलैहड़ क्षेत्र की धरती पर न खैर न आम के पेड़ बचेंगे। एक समय था जब कुटलैहड़ विस क्षेत्र की रियासत स्व. राजा महिंद्र पाल के पास थी। उस समय कहावत हुआ करती थी कि जंगलों में अवैध कटान तो दूर की बात, पंछी पर नहीं मार सकता। लेकिन, अब क्षेत्र के रामगढ़ धार के तहत आते बौल, पनेड़, ककराणा, मोक्ष धाम और ध्यूंसर के जंगलों सहित अन्य स्थानों पर खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चल रही है। इस क्षेत्र से कुछ मीटर की दूरी पर डिप्टी रेंजर और फोरेस्ट गार्ड के कार्यालय हैं। अगर बात रामगढ़ धार की करें, तो वहां हर वर्ष कभी खैर तो कभी आम के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जाती है लेकिन आज तक कोई भी आरोपी पकड़ा नहीं गया और न ही कोई बड़ी कार्रवाई हुई।
उधर, ध्यूंसर के जंगलों में दो माह में एक दर्जन हरे खैर के पेड़ काटे गए। उसके बाद पनेड़ के जंगलों में अवैध कटान हुआ। इससे एक सप्ताह पहले ककराणा मोक्ष धाम के नजदीक वन माफिया के लोगों ने हरे खैरों को काट दिया। स्थानीय लोगों राजेंद्र कुमार पुत्र सालीगराम, जगदीश ठाकुर पुत्र सरवण सिंह, जोगिंद्र सिंह पुत्र संत राम, मदन लाल पुत्र भक्त राम, जय सिंह पुत्र धनी राम सहित ककराणा के निवासियों ने वन विभाग सहित 1100 नंबर पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन लोगों को आज तक आश्वासन ही मिल रहा है। लोगों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने कहा था कि जल्द निशानदेही करवा देंगे जिससे यह पता चल जाएगा कि जमीन वन विभाग की है या सरकारी। डीएफओ सुशील राणा का कहना है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध कटान बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पुराने मामले में विभाग कार्रवाई कर रहा है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।