हादसे के समय स्कूल में मौजूद चार शिक्षक बाल-बाल बचे
पहाड़ी के साथ लगाया डंगा क्षतिग्रस्त होने से हुआ हादसा
प्रशासन ने बच्चों के लिए घोषित की थी छुट्टी, नहीं तो होता बड़ा हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में रविवार से हो रही मूसलाधार बारिश से सोमवार काफी नुकसान हुआ है। ऊना-मैहतपुर मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित आबादा वराना प्राथमिक स्कूल का भवन भूस्खलन की चपेट में आ गया। मलबा दीवार को तोड़कर कमरे के अंदर पहुंच गया। बताया जा रहा कि जिस समय हादसा हुआ, उस समय स्कूल में चार शिक्षक मौजूद थे। गनीमत यह रही कि सभी शिक्षक बाल-बाल बच गए।
जिला प्रशासन ने मौसम को ध्यान में रखते हुए सोमवार को स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए छुट्टी घोषित की हुई है, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियातन आबादा वराना प्राथमिक स्कूल को 28 अगस्त तक बंद रखने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार स्कूल भवन के पीछे पहाड़ी को रोकने के लिए डंगा लगाया गया था। लगातार बारिश से डंगा पहाड़ी से आ रहे मलबे के दबाव से गिर गया। इससे पहाड़ी से गिरी मिट्टी और पत्थर सीधे स्कूल की दीवार तोड़ते हुए अंदर घुस गए। हादसे के बाद स्कूल में मौजूद शिक्षक एकदम से भागकर बाहर आ गए। चंद मिनट में स्कूल के कमरे में तीन से चार फीट तक मलबा भर गया।
स्कूल में करीब 25 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त जिला ऊना जतिन लाल, एसडीएम ऊना और शिक्षा उपनिदेशक मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल में मौजूद स्टाफ का भी हाल जाना। ऊना के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा भी घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की। स्थानीय लोगों ने कहा कि हादसे के बाद बच्चों को स्कूल भेजना खतरे से खाली नहीं है। स्कूल संचालन के लिए वैकल्पिक भवन का प्रबंध होना चाहए। गांव के पंचायत घर में भी अस्थाई तौर पर कक्षाएं लगाई जा सकती हैं।
अबादा बराना स्कूल का भवन क्षतिग्रस्त हुआ है। राहत रही कि स्कूल में बच्चों के लिए छुट्टी थी और अध्यापक भी सकुशल हैं। 28 अगस्त तक अबादा बराना स्कूल को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगामी कदम उठाए जाएंगे। -सोमलाल धीमान, उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग