ऊना। जिले में लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में आवश्यकता से अधिक नमी जमा होने से मक्की और हरी सब्जियों की फसलों पर सड़न रोग का असर दिखाई देने लगा है।
किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही हाल रहा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। जिले में इस समय करीब 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्की और लगभग 500 हेक्टेयर भूमि पर हरी सब्जियों की खेती की गई है।
लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी और नमी बढ़ने से फसलों में बीमारियां फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। कई स्थानों पर मक्की के पौधों और सब्जियों में सड़न रोग की समस्या सामने आने लगी है।
किसान रविंद्र कुमार, विनोद सैनी, अजय कुमार, संजय धीमान, वरिंद्र सिंह और कुलविंद्र सिंह ने बताया कि बेशक बीते वर्ष के मुकाबले इस बार बारिश कम हो रही है लेकिन प्रतिदिन की बारिश खेती के लिहाज से लाभदायक नहीं है। खाद और अन्य जरूरी छिड़काव भी नहीं हो पा रहे।
उधर, कृषि विशेषज्ञों ने भी किसानों को खेतों से जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और फसलों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम चंद ठाकुर ने बताया कि लगातार बारिश खेती के लिए नुकसानदायक साबित होती है। फिलहाल जिले में फसलों को नुकसान जैसी स्थिति नहीं है। किसान किसी भी समस्या के समाधान को लेकर विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।