उपमंडल अंब के कुठियाड़ी गांव में पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में नवजात की नानी ने माना है कि उसकी बेटी शादीशुदा है और अचानक प्रसव होने के चलते उन्होंने बच्चे को मृत समझ कर फेंक दिया था। वहीं, नवजात को झाड़ियों में फेंकने के मामले में हिरासत में ली नवजात की मां की तबीयत अचानक बिगड़ जाने से पुलिस को उसे उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती करवाना पड़ा।
हालांकि, आरोपियों की बताई कहानी में अभी भी ऐसे कई पेंच हैं, जिन पर विश्वास करना मुश्किल है। मूलरूप से अन्य राज्य के निवासी नवजात की नानी और नाना स्यूल खड्ड में किसी के पास कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस के समक्ष कबूल किया है कि उनकी बेटी शादीशुदा है और अपने पति के साथ ही रहती है।
उसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। कुछ दिन पहले पति से हुई मामूली कहासुनी के चलते वह उनके पास चली आई और वह गर्भवती थी। तबीयत अक्सर खराब रहती थी और घटना वाले दिन भी बीमार थी। उसे उपचार के लिए ऊना ले जा रहे थे कि रास्ते में उनकी बेटी के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया।
कुठियाड़ी पहुंचते ही उनकी बेटी लघु शंका के लिए गाड़ी से नीचे उतरी और वहीं प्रसव हो गया। प्रसव के बाद नवजात की कोई हरकत न देख उन्होंने उसे मृत समझा और वहीं फेंक दिया। डीएसपी जितेंद्र चौधरी का कहना है कि नवजात की मां की तबीयत खराब होने के चलते उसे अस्पताल भर्ती करवाया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले के हर पहलू पर गौर कर रही है।