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ऊना में साबुन उद्योग पर कसेगा शिकंजा

Thu, 11 Feb 2016 07:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊना
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जिले में साबुन उद्योग पर शिकंजा कस सकता है। पुलिस तथा आबकारी विभाग ने अपने स्तर पर साबुन बनाने वाले उद्योगों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस बाबत गौरक्षा दल के पदाधिकारियों के बयान दर्ज करके जांच का भरोसा दिया है। जांच सही दिशा में आगे बढ़ी तो पशु चर्बी के इस्तेमाल पर उद्योग प्रबंधक पर मामला दर्ज हो सकता है। एएसपी वीरेंद्र ठाकुर ने इसकी पुष्टि है।
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आबकारी एवं कराधान विभाग के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि ऊना जिले में बड़े पैमाने पर साबुन तैयार करने वाले चार उद्योग हैं, जिनके पास सेल टैक्स नंबर हैं। बिना सेल टैक्स नंबर के कई छोटे-मोटे उद्योग साबुन बनाने का धंधा कर रहे हैं। कपड़े धोने का साबुन बनाने वाले उद्योगपति कारखानों की प्रोजेक्ट रिपोर्ट में कहीं पर भी पशु चर्बी को कच्चे माल में प्रयोग करने का जिक्र तक नहीं करते, लेकिन बाद में पाम ऑयल के स्थान पर पशुचर्बी का इस्तेमाल करके न केवल उद्योग विभाग तथा आबकारी एवं कराधान विभाग को भी गुमराह करते हैं, बल्कि समाज में आम लोगों से धोखा करके अपनी चांदी कूट रहे हैं। पशुचर्बी के मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस तथा आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।

पशुचर्बी मामले में गौरक्षा दल ने पिछले दिनों बंगाणा में एक साबुन उद्योग को टैंकर से पशुचर्बी सप्लाई करते हुए पकड़ा था। इस सिलसिले में वीरवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र ठाकुर ने गौरक्षा दल के राष्ट्रीय सचिव शिवदत्त वशिष्ठ, प्रदेशाध्यक्ष हरीश अटवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव मैनन तथा शाम कुमार के बयान दर्ज किए हैं।  
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क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र ठाकुर ने कहा कि गौरक्षा दल के पदाधिकारियों से पशुचर्बी मामले को लेकर उनके बयान दर्ज किए हैं। दल के पदाधिकारी इस मामले में संलिप्त उद्योगपतियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, उसी दिशा में उन्हें जांच का भरोसा दिया गया है।

क्या कहते हैं एईटीसी
आबकारी एवं कराधान विभाग के सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त डॉ. राजीव डोगरा ने कहा कि विभाग टैक्स मामले को लेकर छानबीन करेगा और यह विभाग का रूटीन कार्य है।
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