जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ की अदालत ने दुराचार के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 10 हजार 500 रुपये का जुर्माना भी भुगतना होगा।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को तीन माह का साधारण कारावास भुगतने के आदेश दिए गए हैं। जिला न्यायवादी अरविंद कुमार नड्डा ने बताया कि 6 दिसंबर 2014 को गुरुद्वारा मैड़ी से मस्सा सिंह ने पुलिस को एक टैक्सी चालक द्वारा एक युवती के साथ दुराचार किए जाने की सूचना दी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर पीड़िता का बयान दर्ज किया। पंजाब निवासी पीड़िता ने बताया कि वह 5 दिसंबर की रात ट्रेन से अंब पहुंची थी और वहां से बस में मैड़ी पहुंच गई।
मैड़ी में माथा टेकने के बाद वह रात को वहीं एक गुरुद्वारा में रुक गई। 6 दिसंबर की सुबह उसने कहीं जाने के लिए मैड़ी से टैक्सी किराए पर ली। अंब के ही रिपोह मिसरां निवासी टैक्सी चालक अजय कुमार उर्फ हैप्पी ने केवल पीड़िता को बैठाकर टैक्सी चला दी। युवती ने जब उससे अन्य यात्रियों को बैठाने के बारे में पूछा तो उसने कहा कि बाकी लोगों को आगे चल कर बैठा लेगा। लेकिन, आगे भी उसने किसी को नहीं बैठाया और टैक्सी को बताए गए स्थान की ओर ले जाने की बजाय किसी सुनसान जगह ले गया। यहां दोषी ने डरा-धमका कर गाड़ी में ही पीड़िता के साथ दुराचार कर डाला। बाद में उसे किसी को भी इसके बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी देकर वापस छोड़ दिया।
युवती ने किसी तरह मैड़ी पहुंच कर गुरुद्वारा प्रबंधकों को मामले की सूचना दी और पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। एके नड्डा ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ की अदालत ने अजय कुमार उर्फ हैप्पी को दोषी करार देते हुए धारा 376 के तहत 7 साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की सूरत में उसे तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 506 के तहत 6 माह का साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माना अदा करने की सजा भी सुनाई है।