जिले की बनगढ़ ग्राम पंचायत में स्थित डेरा गामेशाह की दरगाह में स्थानीय ग्रामीणों ने खूनी जंग का अंदेशा जताया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पंचायत की ओर से अधिकृत किए गए डेरा संचालक हरपरोसू शाह पर कभी भी जानलेवा हमला हो सकता है, लिहाजा पुलिस प्रशासन को डेरा की सुरक्षा को पुख्ता करना चाहिए। बुधवार को पंजाब के कुछ लोगों के पास से तेजधार हथियार बरामद होने के बाद स्थानीय पंचायत के ग्रामीणों की उस आशंका की पुष्टि होती है, कि डेरा में कुछ लोग खून-खराबा करके डेरे के माहौल को बिगाड़ने की फिराक में हैं। इसी आशंका के चलते पुलिस प्रशासन ने डेरे को सील कर दिया है।
वीरवार को डेरा के दोनों संचालकों बाबा धर्मेशाह तथा हरपरोसूशाह दिन भर पुलिस पहरे के बीच डेरा में रहे। डेरा में बाहरी राज्यों से आने वाले हर व्यक्ति पर पुलिस नजर बनाए हुए है और दोनों डेरा संचालकों की हिफाजत के पुख्ता इंतजामात किए गए हैं। डेरा में किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय वारदात न हो, इसके लिए पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। इस बीच सूत्रों से पता चला है कि बुधवार रात डेरा समर्थकों के दोनों गुटों के बीच आपसी नोकझोंक होती रही, जिस कारण गांव में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। इसी आशंका के चलते पुलिस ने गुरुवार को डेरा में अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं।
हरपरोसू शाह समर्थक पंजाब के लोगों से हमले की आशंका जता रहे हैं, वहीं धर्मेशाह समर्थकों का कहना है कि उन्हें टारगेट कर उन पर हमला करवाया जा सकता है। बनगढ़ की पंचायत प्रधान प्रोमिला देवी के मुताबिक उन्होंने जिला प्रशासन से शांति कायम रखने की गुजारिश की है। पूर्व प्रधान रविकुमार ने कहा कि पंजाब के लोगों से तेजधार हथियार बरामद होना यह साबित करता है कि हरपरोसू शाह तथा उनके समर्थकों पर खूनी हमला करवाया जा सकता है। उधर, एसपी अनुपम शर्मा ने कहा कि जब तक बनगढ़ डेरा गामेशाह में माहौल शांतिप्रिय नहीं हो जाता है, तब तक पुलिस बल तैनात रहेगा।