शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में एक दुकानदार के कर्मचारी ने मंदिर में वीआईपी दर्शन करवाने के लिए श्रद्धालु से 11 सौ लेकर रुपये ठग लिए। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब दुकानदार के कर्मचारी ने हरियाणा से आए श्रद्धालुओं से 11 सौ रुपये तो ले लिए, लेकिन उन्हें वीआईपी दर्शन नहीं करवा पाया। बताया जा रहा है कि यात्रियों को ऑउटगेट से वीआईपी दर्शनों का प्रलोभन देकर पैसे ऐंठने वाला अपने आपको मंदिर का पुजारी बता रहा था। जबकि वह हकीकत में पुजारी नहीं प्रशाद की दुकान पर काम करने वाला कर्मचारी बताया गया है।
ठगी का पता लगने पर श्रद्धालु ने मामले की मंदिर कार्यालय में मौखिक शिकायत की। तब मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने मंदिर के कुछ पुजारियों व सिक्योरटी गार्ड को लेकर फर्जी पुजारी की धरपकड़ की तथा श्रद्धालुओं को 11 सौ रुपये वापस दिलवाए। उधर, मंदिर के पुजारियों ने फर्जी पुजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
चिंतपूर्णी मंदिर के पुजारियों सुशील, विक्की, विजय कालिया व दिनेश ने पुजारियों को इस प्रकार बदनाम करने वाले फर्जी पुजारी बने कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। उधर, चिंतपूर्णी मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान ने बताया कि फर्जी पुजारी के खिलाफ थाना प्रभारी के पास शिकायत दी है। उधर, एसएचओ चिंतपूर्णी भूप सिंह राणा ने बताया कि पुलिस ने मामले के संदर्भ में जांच शुरू कर दी है।