ऊना। जिला में एक एनजीओ संस्था ने कामगारों को पिछले सात माह से वेतन नहीं दिया है। इस पर पीड़ितों ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है। पीड़ितों ने संस्था पर कई तरह के ठगी के आरोप जड़े हैं। इसकी शिकायत सोमवार को पीड़ितों ने एसपी से की।
युवाओं ने एसपी को शिकायत पत्र सौंपकर इंसाफ की गुहार लगाई है। आरोप लगाया है कि संस्था ने नौकरी का झांसा देकर धोखा किया है। पीड़ितों ने बताया कि संस्था ने जिला के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा संबंधी प्रचार प्रसार के लिए उन्हें नौकरी पर रखा। संस्था ने आवेदन के साथ उनसे 500 रुपये पंजीकरण शुल्क लिया। नौकरी पर रखने की एवज में 2 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी लिया। लगभग सात महीने काम करवाने के बाद कोई वेतन नहीं दिया गया है। कामगारों ने कहा कि संस्था ने उनकी बेरोजगारी का फायदा उठाकर धोखा किया है। उन्होंने संस्था के एसपीओ व उनके सहयोगियों पर धोखाधड़ी करने व बेरोजगारी का नाजायज फायदा उठाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संस्था ने सरकारी दस्तावेजों की स्वीकृति की प्रतियां दिखाकर उनको अपने झांसे में लिया है। ज्ञापन देने वालों में सामाजिक संस्थाएं भी शामिल रहीं। जिनमें बाला जी क्रांति सेना के प्रदेश महामंत्री बलविंद्र सैणी, यूनिवर्सल ब्लड ग्रुप सोसायटी जिला ऊना के अध्यक्ष परमिंद्र सेठी ने भी बेरोजगारों के साथ हुए इस छल का कड़ा विरोध किया है। उधर, एसपी संजीव गांधी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।