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फंदा लगाकर आत्महत्या से मौत का अंदेशा

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अमर उजाला ब्यूरो

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ऊना। रायपुर सहोड़ां निवासी सुमित उर्फ नरेश कुमार की बहुचर्चित संदिग्ध मौत मामले से पुलिस ने परत दर परत पर्दा हटाया है। पुलिस ने सुमित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रबल अंदेशा जताया है। हालांकि अभी इस दिशा में पुलिस की जांच जारी है। पुलिस अभी पूरी तरह से ठोस निर्णय पर नहीं पहुंची है।

एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सुमित के शरीर पर किसी प्रकार का कोई भी बाहरी या आंतरिक चोट का निशान नहीं मिला है। मृतक की विसरा रिपोर्ट में जहर का कोई अंश नहीं मिला है। साथ ही मृतक के शरीर पर किसी प्रकार के जलने के निशान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट भी जल्द आने की आशा है। इसके अलावा पुलिस मामले से जुड़े कुछ लोगों के पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवाएगी। इसमें लाई डिटेक्टर के माध्यम से पड़ताल की जाएगी।
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दूसरी ओर मृतक सुमित के परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर मामले की पुन: जांच की मांग है। मंगलवार देर शाम मामले को लेकर एसपी दिवाकर शर्मा ने अपने कार्यालय में सुमित के परिजनों के साथ बैठक कर पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के बारे में बताया। परिजनों ने पोस्टमार्टम पर आपत्ति जताते हुुए कई सवाल खड़े किए। इससे एक बार फिर सुमित की मौत का मामला गर्माया गया है। मामले को लेकर पुलिस ने 200 लोगों से गहनता से पूछताछ की है। पुलिस जांच के मुताबिक 24 सितंबर को लापता होने से पहले मृतक सुमित सुबह साढ़े 11 बजे से शाम 8 बजे तक अपने ननिहाल धुंधला में रहा। सुमित ने अपने ननिहाल में परिजनों को बताया कि वह बहुत परेशान है। उसकी सेहत भी ठीक नहीं है। 24 सितंबर की शाम करीब 8 बजे ननिहाल में खाना खाने के बाद बाइक स्टार्ट की और वहां से चला गया।

सुमित ने नहीं उठाई कॉल
सुमित की कॉल डिटेल में पाया गया कि 24 सितंबर को सुमित की बड़ी बहन ने 12 बजे दोपहर तीन बार कॉल किया। लेकिन मृतक ने कॉल नहीं उठाई। मृतक के फूफा ने भी तीन बार कॉल की, लेकिन सुमित ने फोन नहीं उठाया। ननिहाल से निकलने के बाद भी परिजनों ने लगातार चार बार कॉल किए परंतु उसने किसी का भी जवाब नहीं दिया। जांच में पाया गया कि मृतक सुमित अपने मोबाइल में दो सिम का प्रयोग कर रहा था। मृतक की कॉल डिटेल, व्हाट्सएप, फेसबुक व वेब हिस्ट्री की गहनता से जांच की गई है। कुछ और लोगों की भी कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक सुमित ने अपने कुछ परिजनों एवं तीन चार दोस्तों को छोड़कर किसी से भी बातचीत करना नहीं पाया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल
जिला परिषद सदस्य पंकज सहोड़ ने कहा कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। उसमें सुमित की मौत की वजह सुसाइड बताई गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहा गया है कि लाश कुछ हफ्ते पुरानी है। यदि सुमित ने दो सप्ताह पहले खुद फंदा लगाकर सुसाइड किया तो उसे जंगल में किसी पक्षी ने नोचा क्यों नहीं। इससे संदेह पैदा होता है। सहोड़ ने कहा कि सुमित की पैंट, पर्स और बाइक की चाबी कहां है। अगर सुसाइड करना था तो उसे अपनी पहचान छुपाने की क्या जरूरत थी। यह बातें संदेह के दायरे में हैं। इनसे हम संतुष्ट नहीं हैं। मृतक के भाई निखिल भी जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। निखिल ने कहा कि यह सुसाइड नहीं हत्या है। पुलिस को इस दृष्टि से जांच करनी चाहिए।
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ये है मामला
24 सितंबर को रायपुर सहोड़ा का सुमित रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। 12 अक्तूबर को उसका शव कोटला कलां गांव में पेड़ पर लटकता मिला। शव मिलने के बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ ऊना एवं मैहतपुर में शव को लेकर हाईवे पर चक्का जाम किया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। परिजन मौत मामले में सीबीआई की जांच की मांग कर रहे हैं। मामले को लेकर नॉर्थ रैंज के डीआईजी डॉ. अतुल फुलझेले भी जांच के लिए ऊना पहुंचे। उन्होंने मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई थी।

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