परिवहन निगम की बेकाबू
बस ने कुचल दिया राहगीर
बंगाणा के कैहलवीं में दर्दनाक हादसा, पोती को बस में चढ़ाने आया था सतीश
40 मिनट तक बस के नीचे दबा रहा व्यक्ति, हमीरपुर से जालंधर रूट पर जा रही थी बस
अमर उजाला ब्यूरो
बंगाणा(ऊना)। बंगाणा उपमंडल के कैहलवीं में हमीरपुर से जालंधर जा रही एचआरटीसी बस की चपेट में आने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान तनोह पंचायत के तहत घट्टी गांव निवासी 62 वर्षीय सतीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने शव का क्षेत्रीय अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के संबंध में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मृतक हिमाचल पथ परिवहन निगम के ऊना डिपो से मैकेनिक के पद से करीब चार साल पहले सेवानिवृत्त हुआ था। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक सतीश वीरवार सुबह करीब सात बजे अपनी पोती को स्कूल बस में चढ़ाने के लिए घर से स्कूटी पर सड़क तक पहुंचा और स्कूटी को खड़ा कर स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे कि इसी दौरान लठियाणी की तरफ से आ रही एचआरटीसी बस का अचानक स्टीयरिंग फ्री हो गया और बेकाबू बस सड़क किनारे खड़े सतीश को बुरी तरह रौंदते हुए पहाड़ी से जा टकराई। सतीश 40 मिनट तक बस के नीचे फंसा रहा और बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन उनको बस के नीचे से बाहर निकालने का कोई तरीका नजर नहीं आ रहा था। हाईवे से गुजर रहे ट्रैक्टर ने भी लिफ्ट के सहारे बस को आगे से उठाने की बहुत कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बस के नीचे जैक लगाने की भी जगह नहीं थी। आखिर बस का आगे बाईं ओर का टायर खोला गया, तब कहीं 40 मिनट के बाद बस के नीचे फंसे सतीश कुमार को बाहर निकालने में सफलता हाथ लगी। सतीश दर्द से चिल्ला रहे थे और उनकी दाईं टांग और दाईं बाजू चार-चार जगहों से टूट चुकी थीं। इसी बीच एंबुलेंस की हड़ताल के चलते बड़ी दिक्कत पेश आई, लेकिन घायल सतीश कुमार को एक ट्राले में सीएचसी बंगाणा और बाद में जिला अस्पताल ऊना ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें डॉक्टरों की ओर से प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर अवस्था में पीजीआई के लिए रेफर कर दिया है, लेकिन कुछ ही क्षण में दर्द की तकलीफ को झेलते हुए सतीश कुमार ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में ही दम तोड़ दिया। हादसे में स्कूल जा रही उनकी पांच साल की नन्हीं सी पोती भी बाल-बाल बच गई है। उधर एसएचओ प्रकाश चंद शर्मा ने कहा कि पुलिस हादसे के संदर्भ में केस दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।
बस का स्टीयरिंग फ्री होने से नहीं रहा नियंत्रण
बस चालक महेश कुमार ने बताया कि उन्होंने सड़क किनारे खड़े व्यक्ति को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन बस का स्टीयरिंग फ्री हो जाने से उनका बस पर कोई नियंत्रण नहीं रहा था, जिसके चलते इस हादसे में सतीश की मौत हो गई।