ऊना। यातायात नियमों को ताक पर रख कर लोगों को माल वाहक वाहनों में मौत का सफर करवाया जा रहा है। वाहन चालकों पर कार्रवाई करने में प्रशासन भी सुस्त है। इन दिनों पंजाब से आने वाले श्रद्धालुओं की कुछ ऐसी ही जिद देखने को मिल रही है।
जान की परवाह किए बगैर पंजाब के वाहन चालक लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। मालवाहक वाहनों पर सवारियों को ढोने का सिलसिला जारी है। कई हादसों में दर्जनों जानें गंवाने के बावजूद किसी ने कोई सबक नहीं लिया है। पंजाब से मालवाहक वाहनों में भेड़-बकरियों की तरह इंसानों को भरकर लाया जा रहा है।
पाबंदी के बावजूद वाहन चालक पैसा कमाने के चक्कर में लोगों की जान को जोखिम में डालकर मालवाहक वाहनों में ढोने का कारोबार कर रहे हैं। प्रशासन इन वाहनों को बॉर्डर पर रोकने पर विफल है।
मालवाहक वाहन में लोगों को बिठाने के लिए बनाई डबल डैकर छतें टूटने के कारण दर्जनों लोगों की अब तक जान जा चुकी है। कई बुरी तरह घायल हो चुके हैं। हर साल मेलों के दौरान ट्रकों में पंजाब के श्रद्धालुओं की जान को जोखिम में डाल कर हिमाचल के धार्मिक स्थलों को लाया जाता है। अंब के मैड़ी, ऊना के पीरनिगाह एवं शाहतलाई में ऐसे वाहनों में आने वाले दर्जनों लोग मौत का शिकार हो चुके हैं। कई अपाहिज भी हो चुके हैं। फिर भी वाहन चालक इन हादसों से सबक नहीं लेते हैं। एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि पुलिस के आलाधिकारियों के इस बाबत सख्त निर्देश जारी किए हैं।