मैहतपुर/टाहलीवाल(ऊना)। पालमपुर की न्यूगल खड्ड में हरोली के बाथड़ी गांव में एक ही घर के दो चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। दोनों मृतक सगे भाई थे। मृतक दोनों सगे भाई बनगढ़ में अपने मामा के घर एक धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हुए थे। शुक्रवार को घर के सभी सदस्यों के साथ पालमपुर के निकट बालकरूपी में मन्नत पूरी होने पर माथा टेकने के लिए हंसी खुशी घर से निकले थे लेकिन वे नहीं जानते थे कि फिर कभी झार वापस नहीं लौटेंगे।
पता चला है कि न्यूगल खड्ड में नहाते समय पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। बाथड़ी निवासी रमेश चंद और रामकुमारी के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी शादीशुदा है। रमेशचंद तथा रामकुमारी के दोनों लाडले अरुण कुमार (23) तथा सुनील कुमार (21) इस दुनिया में नहीं रही। शायद भगवान को यही मंजूर था। दोनों युवा भाइयों की मौत के बाद गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है।
बड़ा भाई अरुण नौकरी करता था जबकि छोटा भाई पढ़ाई कर रहा था। पिता रमेशचंद एक निजी उद्योग में नौकरी करते हैं। पिता ने कड़ी मशक्कत कर दोनों बेटों को पढ़ा-लिखाकर अपने पैरों पर खड़ा किया था। बड़ा बेटा नौकरी कर पिता का सहारा बन गया था जबकि छोटा बेटा आईलेटस कर विदेश में अपने पांव जमाने की योजना बना रहा था। दोनों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में इस हादसे के बाद गमगीन है।