शशिभूषण पुरोहित
ऊना।
करोड़ों रुपये के सट्टे के काले कारोबार पर अब ईडी और इनकम टैक्स भी नजर रखेंगे। जिला पुलिस ने सट्टे के इस काले धंधे को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रवर्तन निदेशालय समेत आयकर विभाग की मदद लेने की योजना बनाई है।
ऊना और सीमांत क्षेत्रों में सक्रिय सट्टेबाज अब पुलिस समेत केंद्रीय एजेंसियों की नजर में होंगे। वहीं, जिला पुलिस ने तीन महीने के भीतर सट्टेबाजी में संलिप्त 80 लोगों पर मामले दर्ज किए हैं। जबकि ऐसे दस ठिकानों को जब्त किया है, जहां से करोड़ों का यह गोलमाल चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि अकेले जिला ऊना में रोजाना लाखों का सट्टा खेला जाता है। महीने भर में यहां से दिल्ली और मुंबई स्थित बड़े सट्टेबाज करोड़ों रुपयों की चांदी कूट रहे हैं।
यही पैसा देश के खिलाफ कई तरह के आपराधिक षड्यंत्रों में भी इस्तेमाल हो रहा है। जिला पुलिस ने एसपी संजीव गांधी के नेतृत्व में छेड़े अभियान के तहत ऐसे सटोरियों की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की है, जो आम लोगों को प्रलोभन देकर इस अवैध धंधे में झोंक रहे हैं। हैरत की बात है कि केंद्रीय एजेंसियों की नाक तले करोड़ों का काला कारोबार फल-फूल रहा है, जो ईडी और इनकम टैक्स की नजर में नहीं आता। सूत्र बताते हैं कुछ सट्टेबाजों को बचाने में कई पुलिस कर्मियों की भी संलिप्ता हो सकती है। जिला पुलिस ने अब ऐसे मामलों की सूचना ईडी को और आयकर विभाग को देने का मन बनाया है।
सट्टे के कई अड्डे पुलिस ने किए जब्त : गांधी
एसपी संजीव गांधी ने कहा कि पुलिस सट्टे के काले कारोबार को जड़ से खत्म करने में जुटी है। उन्होंने बताया कि महज तीन महीने के भीतर 80 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि दस ठिकानों को जब्त कर सख्त कार्रवाई की जा रही है। नवंबर में 24 मामलों पर कार्रवाई हुई है। सट्टेबाजों को बचाने में कुछ पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की शिकायत भी मिली है। इस पर कड़ाई से जांच हो रही है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस बड़े और संवेदनशील मामलों में ईडी और इनकम टैक्स की मदद लेने की भी सोच रही है। ताकि इस धंधे का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।
पंजाब पुलिस से साथा संपर्क
सट्टे का ये काला कारोबार पंजाब से लेकर हिमाचल के सीमांत जिलों तक फैला है। जिला पुलिस इस अभियान को सफल बनाने के लिए पंजाब पुलिस की भी मदद ले रही है। एसपी संजीव गांधी ने बताया कि ऐेसे मामलों में एसपी रोपड़ भी मदद कर रहे हैं।
नकद में हो रहा लेन-देन
सट्टे के कारोबार में धरे एक व्यक्ति ने खुलासा किया कि पहले ई-बैंकिंग से बड़े मामलों का लेन-देन किया जाता था। लेकिन पुलिस की सतर्कता बढ़ने से अब नकद में सारा कारोबार किया जाता है। सट्टा एक रुपये से लेकर एक करोड़ या अधिक तक भी लगाया जा सकता है।
1 से लेकर 9 तक मुंडा और आगे घर कोड वर्ड
सट्टे के धंधे में कई तरह के कोर्ड वर्ड हैं। इनमें पैसा लगाने वाले को लाईवाल तो पैसा लेने वाले को खाईवाल कहा जाता है। अंक 1 से लेकर 9 तक मुंडा के नाम से जाने जाते हैं, जबकि 10 से लेकर 100 तक के अंक घर के नाम से मशहूर हैं। जबकि कोई विशेष अंक पर सट्टा लगाने वाले उसे आखर के नाम से भी पुकारते हैं।
सोमवार का लक्की नंबर रहा 30
सट्टे का पूरा कारोबार नंबरों पर चलता है। किसी एक नंबर को चुनकर रकम दांव पर लगाई जाती है। दिलचस्प बात यह है कि सट्टा बाजार में एक रुपये का सट्टा लगाने पर 90 रुपये मिलते हैं। सोमवार को 30 नंबर जुआरियों के लिए लक्की रहा। सूत्रों के मुताबिक जिला ऊना में दिन में तीन बार सट्टा लगता है। तीनों बार अलग-अलग लक्की नंबर होगा।