भरवाईं (ऊना)। चरस तस्करी के मामले में चिंतपूर्णी पुलिस के हत्थे चढ़े मनाली के मुख्य सप्लायर को अदालत ने पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया है। प्राथमिक जांच में आरोपी से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं।
एसपी संजीव गांधी ने बताया कि आरोपी मुख्य सप्लायर हीरा लाल पिछले कई सालों से नशा तस्करी का काम कर रहा है। उसके साथ नशे के धंधे में महिलाएं तक शामिल हैं।
इतना नहीं आरोपी ने नशे की सप्लाई करने के लिए लेबर तक रखी हुई थी और चरस, भुक्की की सप्लाई करने के लिए गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था। जिसमें एक या दो महिलाओं को खास तौर पर बैठाया जाता था। जिससे पुलिस के लगे हुए नाकों के दौरान कोई शक न हो।
इसके अलावा सरकारी बसों में आवाजाही करके भी नशे के माल को ठिकाने तक पहुंचाया जाता था। सारा धंधा मोबाइल के जरिये एक-दूसरे से बात करके किया जाता था। चिंतपूर्णी पुलिस की ओर से मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
गौर है कि चिंतपूर्णी पुलिस ने तीन दिन पहले किन्नू में नाके के दौरान एक कार सवार दंपति से डेढ़ किलो चरस बरामद की थी। सख्ती से पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों ने पुलिस को मुख्य सप्लायर के बारे में जानकारी दी थी।
इसके बाद चिंतपूर्णी पुलिस टीम ने एसएचओ अमरीक सिंह के नेतृत्व में कुल्लू मनाली में नशे के मुख्य सरगना को पकड़ने लिए तीन दिन से डेरा डाला था।
जब पुलिस पहाड़ियां चढ़कर उसके ठिकाने तक पहुंचने ही वाली थी तो वह पुलिस से बचकर भागने की फिराक में लगा था। लेकिन पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे धर दबोचा। आरोपी से कुल 610 ग्राम चरस और 620 ग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ।
एसपी संजीव गांधी ने बताया कि चरस तस्करी मामले में मुख्य सरगना को हिरासत में लेकर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।