कुल्लू। जिला कुल्लू में भांग की खेती नष्ट करने पर भी बड़ी मात्रा में चरस की खेप बरामद की जा रही है। इस वर्ष भी जिला प्रशासन और पुलिस ने भांग की खेती को नष्ट कर 4227 बीघा से भांग की पौध को नष्ट किया है। बावजूद घाटी में चरस खेप दर खेप बरामद की जा रही है।
पुलिस और एनसीबी ने 11 माह करीब 115 किलोग्राम चरस पकड़ ली है। जिला के बाहर भी कुल्लू के लोगों से चरस पकड़ने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन व कुल्लू पुलिस द्वारा इस साल घाटी में उखाड़ी गई चरस की खेती पर सवाल उठने लगे हैं। कुल्लू पुलिस और जिला प्रशासन ने जुलाई से सितंबर माह में दो अलग-अलग चरणों में भांग की खेती को नष्ट करने का अभियान चलाया था। जिला प्रशासन ने पहले चरण का भांग एवं अफीम उन्मूलन अभियान 22 जुलाई से 15 अगस्त तक चलाया था जिसमें करीब 2100 बीघा तथा दूसरा चरण 27 अगस्त से 15 सितंबर तक चला गया था। इसमें लगभग 600 बीघा खेती से भांग की पौध का समूल नाश करने का दावा किया है। परंतु घाटी में रोजाना पकड़ी जा रही चरस से पुलिस भी हैरान है।
जिलावासी अभिषेक राय, लीला प्रसाद, प्रेम चंद, जगदीश ठाकुर, श्याम लाल, खेम राज, टेक चंद तथा हंस राज का कहना है कि अक्तूबर व नवंबर माह में घाटी में सबसे अधिक चरस पकड़ी है। प्रशासन व पुलिस-एनसीबी के भांग उखाड़ने के बाद भी जिला में चरस की खेप कहां से आ रही है यह चिंता का विषय है। एसपी कुल्लू शालिनी अग्रिहोत्री ने कहा कि पुलिस व एनसीबी ने इस साल अपने स्तर पर दो बार भांग की खेती को नष्ट करने का अभियान चलाया था। पहले चरण में 602 बीघा तथा दूसरे चरण में 925 बीघा खेती से भांग को नष्ट किया गया था। चरस माफिया के सपनों को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि आगामी साल में भांग की खेती के पूरी तरह से नष्ट करने के लिए नए तरीके से प्लान तैयार किया जाएगा।