गिगरेट (ऊना)। करोड़ों के गबन मामले में दियोली कृषि सभा सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सभा का रिकॉर्ड गगरेट पुलिस थाने में तलब किया है। विभाग ने दो साल की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर 11 करोड़ 70 लाख के गबन का मामला बनाया था, जबकि पुलिस के शुरुआती जांच में ये सारा मामला 1998 से जांचा जाएगा।
सभा में लगभग 1998 के बाद से दो-चार सदस्यों को छोड़ कर वही सदस्य इस सभा के प्रबंधन सदस्य रहे हैं। सहकारिता विभाग ने पुलिस के समक्ष जो साक्ष्य दिए उसमें मात्र दो साल की ऑडिट रिपोर्ट है। जबकि पुलिस अपने अन्वेषण में इस मामले से जुड़े हर सदस्य व सहकारी सभा के रिकॉर्ड से इस विषय की गहराई तक जाना चाहती है। पुलिस जांच में तय करेगी कि इतने बड़े गबन के लिए दोषी कौन है। मामला 11 करोड़ 70 लाख का है और हिमाचल में दूसरे नंबर पर अमानत के पैसे में इतना बड़ा हेर-फेर का मामला सामने आया है। पुलिस का मानना है कि मामला एक दिन या एक साल में नहीं हुआ।
जाहिर तौर पर इतने बड़े गबन में एक लंबा अरसा लगा है। सहकारी सभा का लगातार ऑडिट हुआ है। उनमें ये बात क्यों सामने नहीं आई। यह भी जांच का विषय है। उधर, अतिरिक्त थाना प्रभारी गगरेट सुशील कुमार ने कहा कि फिलहाल पुलिस ने सभा का रिकॉर्ड तलब किया है। रिकॉर्ड खंगालने के बाद इस गबन के लिए जिम्मेदारी तय होगी और हो सकता है एफआईआर में और भी नाम नामजद हों।