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एक साथ जली मां-बेटे की चिता

Thu, 04 Aug 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/दालतपुर चाक
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छह वर्षीय मासूम बेटे के साथ जहर खाकर अपनी जान देने वाले मां-बेटे का वीरवार को मवा कोहलां में नम आंखों के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। कॉमर्स में पीएचडी सपना ने बुधवार को दोपहर बाद पैतृक घर में बेटे सहित जहर खा लिया था। पता चलने पर उन्हें उसके परिजन दौलतपुर चौक के एक निजी अस्पताल लाए, लेकिन वहां दोनों मां-बेटे की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें जालंधर के लिए रेफर किया गया। लेकिन, गगरेट में रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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वीरवार सुबह पोस्टमार्टम करवाने के बाद पुलिस ने मां-बेटे के शव परिजनों को सौंप दिए। 2012 में वैवाहिक संबंध टूटने और तलाक लेने के वाद शिक्षाविद् डॉ. सपना ने बेटे के पालन-पोषण को अपने पिता के घर रहने का फैसला लिया। फिर बेटे की खातिर नौकरी करने का निर्णय लिया और पंजाब के एक नामी स्कूल में शिक्षिका के रूप में सेवाएं दीं। हाल ही में उसका चयन डल्हौजी के एक स्कूल में हुआ था। सपना वहां नौकरी करने के लिए अपने बेटे को भी साथ रखने को घर मवा कोहलां आई थी। सूत्रों से पता चला है कि सपना अपनी योग्यता के आधार पर हर सरकारी नौकरी के लिए फॉर्म भरती थी, जिसका उसे पता चलता। लेकिन, इतनी पढ़ी लिखी होने के बावजूद सरकारी नौकरी न मिलने का उसे दुख था। इसके अलावा कहीं न कहीं एकाकी जीवन भी इस हादसे का सबब बना। उधर, चौकी प्रभारी हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। सपना और उसके बेटे की मौत के कारणों की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।
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