ऊना। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को कोरोना वायरस को लेकर पूरी तरह सचेत किया है विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस से बचने के लिए लोगों को एहितयात बरतना बहुत जरूरी है।
हालांकि जिला ऊना में चीन से आए लोगों में से किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। इसके साथ जो लोग पहली जनवरी को चीन से जिला ऊना में पहुंचे थे, उनका 28 दिन का लक्षण जांच का कोर्स खत्म हो गया है, लेकिन जिन्हें अभी आए रहे एक सप्ताह या 10 दिन हुए हैं, उनका स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों की ओर से प्रतिदिन उनके घर जाकर उनके टेस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने कहा कि जिन लोगों का कोरोना वायरस के लक्षणों की जांच के लिए कोर्स चल रहा है, उसकी जानकारी विभाग ने छुपाकर रखी है, ताकि जिला में किसी भी प्रकार का हड़कंप न मचे। बाहर से आए लोगों में ज्यादातर बिजनेस मैन और स्टडी के लिए गए छात्र शामिल हैं। वहीं, सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा ने बताया कि जुकाम और बुखार सिर्फ कोरोना वायरस के ही लक्षण नहीं हैं। अगर किसी व्यक्ति को जुकाम, बुखार, ज्यादा पसीना आ रहा है या छाती में दर्द का है तो यह निमोनिया के भी लक्षण हो सकते हैं। लोग कोरोना वायरस से बचने के लिए एहतियात बरतें। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति चीन से अपने क्षेत्र में आया है तो उसकी जानकारी 104 टोल फ्री नंबर पर दें।
जांच के लिए उपलब्ध है विशेष एंबुलेंस
कोरोना वायरस के लक्षणों की जांच के लिए टांडा और आईजीएमसी शिमला में रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। इसके साथ सरकार की ओर से कोरोना वायरस के लक्षणों की जांच के लिए विशेष एंबुलेंस उपलब्ध करवाई है, ताकि पीड़ित व्यक्ति को उसके घर पर उपचार दिया जा सके। सरकार ने एक एंबुलेंस मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना के लिए उपलब्ध करवाई है, जो इन सभी जिलों को कवर करेगी।
ये हैं बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विभाग ने बीमार व्यक्ति से दूर रहने, लोगों को खाना खाने से पहले अच्छी तरह हाथों को धोने, सामुदायिक साबुन का प्रयोग न करने, अलग टाबल का प्रयोग करने, सार्वजनिक स्थानों पर हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते करने का तरीका अपनाने, बसों और भीड़ वाले स्थानों में कम जाने, जानवरों के संपर्क में आने के बाद हाथों को अच्छी तरह से धोने के लिए आह्वान किया है।