हिमाचल प्रदेश स्कूल प्राध्यापक संघ के जिला अध्यक्ष विकास कुमार ने लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। जिलाध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से विभिन्न स्कूलों में तैनात कॉमर्स के अनुबंध प्रवक्ताओं को बैक डेट से नियमित करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि इन प्रवक्ताओं का नियमितीकरण इसलिए रोका गया है कि इन्होंने बीएड नहीं की है। लेकिन, उनकी प्रथम नियुक्ति के समय बीएड की अनिवार्यता नहीं थी।
अब नियमितीकरण के समय यह शर्त थोपना सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि सरकार पीजीटी पदनाम अविलंब समाप्त करे। स्कूल प्रवक्ता पदनाम को पुन: बहाल किया जाए। इसके अलावा एमफिल एमएड तथा पीएचडी धारक स्कूल प्रवक्ताओं को विशेष इंक्रीमेंट देने, विज्ञान प्रवक्ताओं को विज्ञान प्रायोगिक भत्ता देने, 4-9-14 का लाभ हर पदोन्नति पर देने, वर्ष 2003 से पहले नियुक्त अनुबंध प्रवक्ताओं की पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग के साथ ही 2003 के बाद नियुक्त अनुबंध तथा पैरा लेक्चरार को भी पेंशन लाभ देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि हाल ही में पांच वर्षों का सेवाकाल पूर्ण कर चुके अनुबंध प्रवक्ताओं को सरकार की ओर से नियमित किया जाए। लेकिन, इससे पहले नियुक्ति अनुबंध तथा पैरा टीचर्स को 10-12 वर्षों के सेवाकाल के पश्चात नियमित किया जाए।
इस अवसर पर प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद वनियाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सतपाल वशिष्ठ, निर्मल सिंह राणा, पवन चौधरी, सुदर्शन कौशल, निशा धीमान, संतोख परमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हंसराज, महासचिव अजेंद्र सिंह, दिनेश कौंडल, राजन शर्मा, बिहारी लाल, राम गोपाल डोगरा, राज कुमार, कुलदीप चौधरी, वरुण लखनपाल, सुनीत ठाकुर, रमन भारद्वाज, अनिल चौणी, जतिंद्र शर्मा, बलवंत सिंह, रमन बिज, अंजू रानी, नवीन गुप्ता, नीरज शर्मा, कोषाध्यक्ष नीरज, सुभाष सैणी और चमन चौधरी उपस्थित रहे।