संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। संविधान गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गगरेट के पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारे देश की आत्मा है। वे दौलतपुर मंडल के अंतर्गत रविदास मंदिर चलेट में भाजपा के कार्यक्रम में वे मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे थे। चैतन्य ने कहा कि संविधान का निर्माण डॉ. भीमराव आंबेडकर की दूरदृष्टि और उनके समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब आंबेडकर ने देश के वंचित और शोषित वर्गों को न्याय दिलाने और उन्हें समान अधिकार देने के लिए एक मजबूत संविधान का निर्माण किया। आरोप लगाया कि इस दल ने संविधान की मूल भावना से कई बार खिलवाड़ किया और इसे अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए तोड़ा-मरोड़ा। 1975 के आपातकाल को कांग्रेस का सबसे काला अध्याय बताते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान लोकतंत्र को ताक पर रखकर देश के नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई। प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई और लाखों निर्दोष लोगों को जेल में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. आंबेडकर के विचारों और योजनाओं का कभी सही से सम्मान नहीं किया। बाबा साहेब ने दलितों और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जो योजनाएं बनाईं, कांग्रेस ने उन पर ठीक से अमल नहीं किया। यह दिवस डॉ. आंबेडकर और स्वतंत्रता सेनानियों की ओर से दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान करता है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष अजय ठाकुर, कार्यक्रम संयोजक रवि कांत बब्बी, प्रदेश तरसेम सिम्मी, नरेश शर्मा , जिला उपाध्यक्ष विश्वजीत पटियाल, जिला पार्षद सुशील कालिया, जिला पार्षद संगीता शर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष नरिंदर निंदि, सुदेश ठाकुर, लक्ष्मी जरियाल, संगीता, प्रदीप शर्मा सहित पार्टी के पदाधिकारी मौजूद रहे।