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Una News: कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़े, छोटे कारोबार की लागत पर दबाव

Fri, 02 Oct 2026 12:33 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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थानाकलां (ऊना)। कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम में 70 रुपये तक की बढ़ोतरी ने छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। होटल, ढाबे, चाय-नाश्ते की दुकानें, मिठाई विक्रेता और अन्य खाद्य कारोबार पहले से ही बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। ऐसे में रसोई गैस की कीमत बढ़ने से कारोबारियों के मासिक खर्च का बोझ और बढ़ने की संभावना है। कारोबारियों का कहना है कि गैस उनके कारोबार का रोजाना इस्तेमाल होने वाला जरूरी खर्च है। सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी सीधे तौर पर भोजन और अन्य तैयार खाद्य पदार्थों की लागत को प्रभावित करती है। छोटे कारोबारियों के सामने अब बढ़ी हुई लागत को स्वयं वहन करने और ग्राहकों पर कीमत बढ़ाने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। ग्रामीण क्षेत्रों में चाय की दुकान, ढाबा, छोटे होटल और नाश्ते की दुकान चलाने वाले कारोबारी सीमित मार्जिन पर काम करते हैं। उनका कहना है कि गैस के साथ-साथ सब्जी, खाद्य सामग्री, तेल और अन्य सामान की कीमतें बढ़ने से पहले ही खर्च बढ़ चुका है। ऐसे में कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में हुई नई बढ़ोतरी से मुनाफे पर सीधा असर पड़ सकता है।
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चेतना निवासी नायली ने कहा कि गैस सिलिंडर महंगा होने का असर केवल बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं रहता। छोटे दुकानदारों की लागत बढ़ने पर उसका प्रभाव उनके सामान की कीमतों पर भी पड़ता है और अंततः आम ग्राहक को अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।


वीना देवी निवासी धुंधला ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। कमर्शियल गैस महंगी होने से होटल और ढाबों में तैयार होने वाले भोजन की लागत बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए जरूरी वस्तुओं और ईंधन की कीमतों को लेकर राहत के उपाय किए जाने चाहिए।
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सोनिया देवी निवासी बुहाणा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर कारोबार करने वालों के लिए हर बढ़ता खर्च चुनौती बन जाता है। सिलिंडर, राशन, सब्जियों और अन्य जरूरी सामान की कीमत बढ़ने से दुकान चलाने की लागत लगातार बढ़ रही है। कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से छोटे कारोबार की कमाई पर भी असर पड़ेगा।


प्रवीण कुमार निवासी खुरवाईं ने कहा कि होटल, ढाबे और खाद्य कारोबार में कमर्शियल सिलिंडर रोजमर्रा की जरूरत है। इसकी कीमत बढ़ने से कुल लागत बढ़ना तय है। कारोबारियों के सामने अब लागत का बोझ खुद उठाने या उत्पादों की कीमतों में बदलाव करने की स्थिति बन सकती है।


विशाल कुमार बैरी ने कहा कि कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना के कारोबार के खर्च पर पड़ता है। छोटे कारोबारी पहले ही सीमित मुनाफे में काम कर रहे हैं। ऐसे में गैस की कीमत बढ़ने से खर्च और आय के बीच संतुलन बनाए रखना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि यदि लागत इसी तरह बढ़ती रही तो कारोबारियों को अपने उत्पादों की कीमतों की समीक्षा करनी पड़ सकती है, जिसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
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