गेहूं की फसल अंकुरित, बारिश न होने से रुकी वृद्धि
बारिश न पड़ने से गगरेट के किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
घनारी (ऊना)। ज़िला ऊना के गगरेट उपमंडल में बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के अधिकतर किसानों ने समय पर गेहूं की बिजाई कर ली है और फसल अंकुरित भी हो गई है। लेकिन, बारिश न होने के कारण फसल का विकास रुक गया है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से बारिश न होने की वजह से मिट्टी में नमी की कमी हो गई है। जो फसल उग चुकी है, उसके ऊपर पीला रतुआ नामक बीमारी का खतरा मंडराने लगा है, जिसे किसान फसल को खतरे का संकेत मान रहे हैं। घनारी के किसान कश्मिंदर सिंह ने बताया कि बड़ी उम्मीदों के साथ गेहूं की बिजाई की थी, लेकिन अब बिना बारिश के फसल संकट में पड़ गई है। कृषि विभाग ने भी किसानों को सलाह दी है कि फसलों को बचाने के लिए वे हल्की सिंचाई करें और विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही रोगों की रोकथाम के लिए जरूरी दवाओं का इस्तेमाल करें। हालांकि, छोटे और सीमांत किसान इस स्थिति में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बारिश पर निर्भरता बड़ी चुनौती है। गगरेट और इसके आसपास के क्षेत्र में खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं। वहां पर तो किसान पर्याप्त सिंचाई कर सकते हैं। लेकिन, जहां पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं है वहां बारिश न होने किसानों की चिंता बढ़ गई है।