ऊना। स्वच्छता को लेकर जहां एक तरफ जिलेभर में जागरूकता रैलियां व विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दूसरी तरफ शहर के बीचोंबीच स्थित मानवता की दीवार पर गंदगी पसरी रही।
कांग्रेस-भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता और सामाजिक संगठन भी यहां पर गौण ही नजर आए। खास बात है कि संबंधित क्षेत्र में रोजाना नगर परिषद की तरफ से साफ सफाई की जाती है। वहीं, मानवता की दीवार में पसरी गंदगी पर किसी का ध्यान ही नहीं गया। इस दौरान जिले में गांधी जयंती के दिन विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाए गए। लोगों को अपने आसपास साफ सफाई रखने के लिए प्रेरित किया। इन कार्यक्रमों के बाद जब जिला मुख्यालय का दौरा किया गया, तो शहर में बनाई गई मानवता की दीवार गंदगी देखने को मिली।
बता दें कि मानवता की दीवार को बनाने का मकसद गरीब व जरूरतमंद लोगों को की मदद करना है। इस स्थान पर लोग अपनी इच्छा से जरूरत का सामान जैसे कपड़े, जूते, चप्पल व अन्य सामान को यहां इस स्थान पर रखते हैं। इस स्थान से जरूरतमंद लोग रखी गए सामान को उपयोग के लिए ले जाते हैं, लेकिन मानवता की दीवार की हालत ऐसे ही चुकी है, जिससे लगता है कि यहां पर कई दिनों से साफ-सफाई नहीं की गई है। दोपहर 12:00 बजे के करीब जब उक्त स्थल का दौरा किया गया, तो वहां कुछ कपड़े व फर्श पर गिरे नजर आए। इसके अलावा साफ-सफाई न होने के कारण गंदगी भी पसरी हुई थी। हैरानी की बात तो यह है कि यह स्थल लघु सचिवालय से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस रास्ते से होते हुए रोजाना कई अधिकारियों का आना-जाना लगा रहता है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में मानवता की दीवार का शुभारंभ किया गया था।
कोट्स
यह समस्या मीडिया के माध्यम से मेरे ध्यान में आई है। इसे लेकर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। साथ ही उक्त स्थल की नियमित सफाई के लिए भी निर्देश जारी किए जाएंगे।
ई. ललित कुमार, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद ऊना