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Una News: आवारा कुत्तों को पकड़ने के दावे प्रशासनिक बैठकों तक सीमित, परिणाम शून्य

Fri, 28 Jun 2024 05:23 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
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संबंधित पंचायत एवं नगर निकाय लोगों को राहत देने में नाकाम
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हर बार आवारा कुत्तों की नलबंदी के प्रशासनिक दावे हो रहे खोखले

हाल ही ऊना नगर परिषद में सामने आया था 50 लोगों को काटने का मामला

संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में आवारा कुत्तों के आतंक से निजात के प्रशासनिक दावे खोखले साबित हुए हैं। शहर से लेकर गांव तक कुत्तों की भरमार 23,827 तक पहुंच गई है। आए दिन कोई न कोई आवारा कुत्तों के काटने का शिकार हो रहा है। इसका पता ऊना अस्पताल पहुंच रहे पीड़ितों के आंकड़ों को देखने से चल सकता है। बड़ी बात यह है कि कुत्ते के काटने पर तो इंजेक्शन का इलाज मिल सकता है, लेकिन इससे होने वाली लाइलाज रैबीज किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। इस बात को जानकर भी जिला प्रशासन और सरकार अंजान बन रही है। बीते दिनों की बात करें तो कुत्तों के काटने के कई मामले सामने आए हैं, इस पर संबंधित नगर निकाय एवं ग्राम पंचायतें कई बार आवारा कुत्तों पर नुकेल कसने के लिए नलबंदी एवं नसबंदी कराने के दावे करती हैं। साथ ही किसी निजी संस्था से मिलकर कुत्तों को पकड़ने के दावे भी अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर किए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद अधिकांश संस्थाएं बैठकों में कही गई बातों को एक कागज तक सिमित कर देती हैं। हाल ही में ऊना नगर परिषद में भी एक कुत्ते ने 50 के करीब लोगों को काट लिया था।
रोजाना आधा दर्जन लोग पहुंच रहे अस्पताल
ऊना अस्पताल सहित पीएचसी, सीएचसी में प्रतिदिन आधा दर्जन के करीब लोग कुत्तों के काटने पर पहुंच रहे हैं। निसंदेह जिला के स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी रैबीज इंजेक्शन उन्हें मिल रहा है, लेकिन आवारा कुत्तों पर ग्राम पंचायत या शहर में वार्ड स्तर पर ही नुकेल कस दी जाए, तो यह समस्या नामात्र ही रह जाएगी।
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आवारा कुत्तों की संख्या में बढ़ोतरी यकीनन बड़ी समस्या पैदा कर रही है। आने वाले कुछ दिन में नगर निकाय एवं पंचायतों के साथ मिलकर उचित कार्रवाई इस दिशा में की जाएगी।
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-जतिन लाल, उपायुक्त, ऊना
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पशुपालन विभाग के पास आवारा कुत्तों को पकड़ कर लाने का काम संबंधित नगर निकाय या पंचायत का है। जब भी हमसे पंचायतें संपर्क करती हैं, तो हम शिविर लगाकर उनका सहयोग करतेे हैं। बीते वर्ष में विभाग की ओर से जिला भर में 3200 से ज्यादा कुत्तों की नसबंदी की गई है।
-विनय शर्मा, उपनिदेशक पशु पालन विभाग, ऊना
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