संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सरकारी स्कूलों के बच्चे तकनीकी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश परीक्षा के लिए जागरूक होंगे। इस संदर्भ में ट्रिपल आईटी ऊना ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हरोली से शुरुआत कर दी है।
छात्रों के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया। इसमें नौंवी से बारहवीं कक्षा के 91 छात्रों ने भाग लिया। इस सत्र का उद्देश्य युवाओं में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के महत्व को उजागर करना और इन क्षेत्रों में उपलब्ध विभिन्न कॅरिअर के अवसरों से छात्रों को परिचित कराना था।
इन चार विषयों के महत्व पर जोर देने के अलावा इस सत्र से जेईई के लिए प्रवेश प्रक्रिया और इंजीनियरिंग और संबंधित क्षेत्रों में मिलने वाले विभिन्न कॅरिअर अवसरों की महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की।
छात्रों को जेईई परीक्षा की तैयारी, पात्रता मानदंड और आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी जैसे प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में स्नातक प्रोग्राम करने के लिए इस परीक्षा के महत्व के बारे में मार्गदर्शन किया गया।
कार्यक्रम में केमिस्ट्री, फिजिक्स, इंग्लिश, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशालाओं का दौरा और संस्थान की खेल सुविधाओं का अन्वेषण किया गया। ट्रिपल आईटी ऊना के निदेशक प्रोफेसर मनीष गौड़ ने छात्रों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया और कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित शिक्षा एक राष्ट्र की तकनीकी और आर्थिक विकास की नींव है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के जागरूकता के साथ जेईई प्रक्रिया को समझना भी महत्वपूर्ण है। यह सत्र उन्नत भारत अभियान के लक्ष्यों के तहत है, जो भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों से ज्ञान और विशेषज्ञता का उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाना है।
छात्रों ने इस सत्र में सक्रिय भागीदारी की और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित से संबंधित कॅरिअर, जेईई की तैयारी के बारे में गहरी रुचि दिखाई।
पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण
पीएचसी बल्ह टिक्कर भवन- फोटो : स्रोत:ग्रामीण
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