बड़ूही (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के चौकीमन्यार क्षेत्र में खैर तस्करी के मामले में 10 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। वन विभाग की टीम ने रात के अंधेरे में खैर के आठ मोछों से लदी बोलेरो गाड़ी को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की थी लेकिन इतने दिन बाद भी तस्करी में शामिल लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। हालांकि, पुलिस ने अप्लाइड फॉर (बिना नियमित पंजीकरण नंबर वाली) गाड़ी होने के बावजूद उसके मालिक का पता लगा लिया है लेकिन गाड़ी ड्राइवर लेकर गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब वाहन मालिक तक पुलिस पहुंच गई है तो खैर की अवैध कटाई और तस्करी में शामिल मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी कब होगी?
रामगढ़ रेंज के तलमेहड़ा ब्लॉक की चौकीमन्यार बीट में वन विभाग की टीम ने रात के समय खैर की लकड़ी से लदी बोलेरो गाड़ी पकड़ी थी। वाहन की तलाशी लेने पर खैर के आठ मोछे बरामद हुए थे। इसके अलावा खैर काटने में इस्तेमाल होने वाला बैटरी चालित साइलेंट कटर, नौ बैटरियां और पांच चेन सेट भी मिले थे। बरामद लकड़ी का अनुमानित मूल्य करीब 43 हजार रुपये बताया गया था। कार्रवाई के दौरान चालक समेत चार-पांच लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गए थे।
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई थी कि बरामद खैर के मोछे चौकीमन्यार पंचायत के पंजोड़ा क्षेत्र की वन भूमि से काटे गए हो सकते हैं। हालांकि, लकड़ी वास्तव में कहां से काटी गई और इस मामले में कितने लोग शामिल हैं, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
वाहन मालिक का पता चला, मुख्य आरोपियों की तलाश जारी
डीएसपी ऊना हेमराज वर्मा ने बताया कि वन विभाग की सूचना के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बोलेरो कैंपर गाड़ी को कब्जे में लेकर उसके पंजीकरण संबंधी जानकारी की जांच की गई। वाहन अप्लाइड फॉर होने के बावजूद उसके मालिक का पता लगा लिया है। जल्द ही मुख्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा। मामले की जांच जारी है।