फसल को आग लगने की बढ़ती घटनाओं से सहमे किसान
मजदूरों को महंगे दाम देकर रात के समय भी करवाई जा रही कटाई
किसानों ने कहा- 1500 कनाल तक फसल हुई राख
अचानक घट रही आग लगने की घटनाओं से किसान हताश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में गेहूं की फसल को आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इससे किसान सहम गए हैं। पिछले कुछ दिनों में 1500 कनाल भूमि में उगाई गई गेहूं की फसल तबाह हो गई है। बीते वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ। किसानों में अब फसल की जल्द कटाई को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। कटाई मजदूरों के पास चार से पांच दिन का एडवांस में काम है। किसान अब नहीं चाहते की बची हुई फसल भी आग की भेंट चढ़ जाए।किसान हैरान हैं कि आखिर फसल पकने के बाद अचानक आग लग कैसे रही है। कुछ जगह विद्युत स्पार्किंग इसका कारण रहा लेकिन हर स्थान पर ऐसा नहीं था। ऐसे में किसानों के भीतर यह डर है कि कोई शरारती तत्व ऐसा तो नहीं कर रहा। फसल पूरी तरह सूख चुकी है और एक चिंगारी से फसल आग पकड़ रही है। दिन में चल रहीं तेज हवाएं आग में घी का काम कर रही हैं। किसानों का कहना है कि फसल को लगी आग बुझाना आसान काम नहीं है। आग बेहद तेज गति से फैलती है। दमकल विभाग जब तक पहुंचता है, खासा नुकसान हो चुका होता है।
किसान विनोद कुमार ने बताया कि पहले मजदूरों को कटाई के दाम को लेकर बातचीत होती थी। अब आग की घटनाओं के बाद 1000 से 1200 रुपये प्रति कनाल कटाई के दिए जा रहे हैं। किसान केवल अपनी फसल को सुरक्षित घर लेकर जाना चाहता है।
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किसान सतीश कुमार ने कहा कि फसल पर हजारों रुपये का खर्च होता है। छह महीने तक लगातार मेहनत करनी पड़ती है। एकाएक फसल का राख हो जाना कोई कैसे बर्दाश्त करे। कई किसानों को इस बार दाने खरीद कर साल भर गुजारा करना पड़ेगा।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग ने कहा कि निश्चित तौर पर इस बार कई कनाल गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। इसके कारण तलाशने होंगे। कहा कि विभाग की टीमें नुकसान का आकलन करने में पूरा सहयोग कर रही हैं। किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के प्रयास जारी हैं।