चलेट (ऊना)। गगरेट विधानसभा क्षेत्र के चलेट बाजार का दायरा भले ही बढ़ा है लेकिन वर्तमान में सुविधाओं में इजाफा नहीं हो सका है। इसके चलते कारोबारियों सहित आम जन को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में मार्ग के दोनों ओर पानी की निकासी नालियां नहीं बनाई गई हैं जिससे सारा पानी सड़क पर बहता है। बरसात के दिनों में तो दिक्कतें और भी बढ़ जाती है। इतना नहीं बल्कि यहां पर चौराहा सुरक्षा की दृष्टि से महफूज नहीं है। आए दिन इस मार्ग पर सैकड़ों की तादाद में वाहनों की आवाजाही रहती है और चौराहे पर कोई भी सुरक्षा कर्मी तैनात नजर नहीं आया है। जिसके चलते यहां पर दुर्घटना होने का भी अंदेशा बराबर बना रहता है। इस दिशा की ओर न तो प्रशासन ने कोई उचित कदम उठाया है और न ही पुलिस ने कोई कार्रवाई आज दिन तक धरातल पर अमल में लाई है। स्थानीय कारोबारियों और आम जनता ने भी कई बार चौराहे पर सुरक्षा कर्मी तैनात करने की मांग उठाई है लेकिन अनसुना ही किया गया है। इसके चलते यहां पर कभी भी कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है और रोजाना यहां पर वाहनों के टकराव होने की स्थिति बनी रहती है। एक ओर से मार्ग पर दौलतपुर चौक से ऊना और वहीं चलेट से गगरेट की ओर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। चौराहे पर तिरछा मोड होने से दूसरी तरफ से आने वाले वाहन अदृश्य ही नजर आते हैं।
स्थानीय कारोबारियों और आम जनता ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि आमजन की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए चलेट चौक पर सुरक्षाकर्मी तैनात किया जाए। वर्तमान में इस कस्बे में 300 से अधिक दुकानें हैं। यहां पर आम जनता का भी रोजाना आना-जाना बना रहता है।
चलेट बाजार में प्रशासन को सुविधाओं में इजाफा करने की दिशा में पहल करनी चाहिए ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो सकें। बार-बार मांग की गई है लेकिन कोई भी सुधार सुविधाओं में नहीं हुआ है।
-राजिंद्र पॉल, चलेट निवासी
बाजार में निकासी नालियों का निर्माण बहुत जरूरी है। प्रशासन को चलेट बाजार में प्राथमिकता के आधार पर यह काम करना चाहिए और अन्य सुविधाओं की ओर भी ध्यान केंद्रित किया जाए।
-सुरेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत चलेट
वर्तमान में बाजार में पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। पानी की निकासी न होने से दिक्कतें बढ़ रही हैं। गर्मियों और बरसात में तो हालात खराब हो जाते हैं जिससे कारोबार पर भी असर पड़ता है।
- विशाल शर्मा, स्थानीय कारोबारी