घनारी (ऊना)। घनारी बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के नाम पर वर्ष 2022 में हजारों रुपये खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पिछले करीब एक वर्ष से बंद पड़े हैं। इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि मामला पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आने के 50 दिन बाद भी कैमरे चालू नहीं हो पाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन के सुरक्षा व्यवस्था के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार कैमरों का बिजली कनेक्शन करीब एक वर्ष से कटा हुआ है। इस कारण हजारों रुपये खर्च कर लगाए गए सीसीटीवी कैमरे आज सुरक्षा देने के बजाय खंभों पर लटके हुए सरकारी व्यवस्था की नाकामी का मजाक उड़ा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कैमरे लगाए जाने के समय स्थानीय दुकानदारों ने जनहित में अपनी दुकानों से बिजली तक उपलब्ध करवाई थी। आम लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई लेकिन जिन विभागों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी थी, वे रखरखाव और बिजली कनेक्शन बहाल करने की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ते रहे। नतीजतन घनारी बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पिछले एक वर्ष से अंधेरे में है और जिम्मेदार तंत्र आंखें मूंदे बैठा है। उनका कहना है कि घनारी बस स्टैंड पर चोरी सहित अन्य घटनाओं की आशंका रहती है और शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसी स्थिति में बंद पड़े कैमरे अपराधियों के लिए किसी तरह से राहत का कारण बन सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने कहा कि कुछ समय पहले पुलिस अधीक्षक ऊना सचिन हिरेमठ ने मामला उनके संज्ञान में होने और कैमरों को शीघ्र चालू करने की बात कही थी लेकिन 50 दिन गुजरने के बाद भी हालात नहीं बदले। स्थानीय नवदीप, गणेश, रमन, सुरेश, निर्मला, किरण लता, जतिंद्र और अशोक सहित अन्य ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को लेकर तत्काल कार्रवाई की जाए और बंद पड़े कैमरों को तुरंत चालू किया जाए।