पंजाब से रात के अंधेरे में स्वां नदी किनारे छोड़ा जा रहा गोवंश
किसानों ने उठाई समस्या का समाधान करने की मांग
बोले- लोगों को भी किया जा रहा चोटिल, खुद भी हो रहे हादसों का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। क्षेत्र के बसाल पुली से लेकर मनोहर मार्केट चलोला बडसाला तक लावारिस गोवंश सड़कों पर घूम रहा है। इससे सड़क हादसे भी हो रहे हैं। कई लोग जान गंवा रहे हैं। खुद भी गोवंश घायल हो रहा है। इसके अलावा कुछ लोगों को बैलों ने गंभीर रूप से चोटिल भी किया है। इन्हें पीजीआई चंडीगढ़ में जाकर इलाज करवाना पड़ा। गोवंश किसानों की फसलें भी बर्बाद कर रहा है। किसानों को अपनी फसल बचाना मुश्किल हो गया है।
यही नहीं गोवंश लोगों के घरों में घुसकर अनाज खा जाते हैं। आटा पीसने वाली चक्कियों वालों को तो और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक मिनट के लिए भी यदि वे इधर-उधर होते हैं तो इकट्ठे होकर आटा चक्की में पड़े हुए आटे की बोरियों को भी चट कर रहे हैं। क्षेत्र के किसानों रामपाल, सुशील कुमार, सुरेश कुमार, हरनाम सिंह, राम, संजीव कुमार,अश्वनी कुमार, सीता देवी, रामकली का कहना है कि सरकार और विभाग लावारिस गोवंश से लोगों को निजात दिलाने की कोई ठोस नीति बनाए। रात के अंधेरे में पंजाब से लेकर स्वां नदी के किनारे इन पशुओं को छोड़ दिया जाता हैं और नुकसान यहां की जनता को झेलना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि गोवंश को छोड़ने वालों की निगरानी के लिए ग्राम पंचायत प्रधानों की ड्यूटी लगाई जाए। नौजवानों को इकट्ठा कर गोवंश को गोशालाओं में रखा जाए, जो गोशाला पहले काम कर रही हैं, उनमें यदि गुंजाइश नहीं है तो नई गोशालाओं का निर्माण करवाकर इस समस्या का समाधान निकाला जाए। उपनिदेशक पशुपालन विभाग डॉ. विनय शर्मा का कहना है कि मामला विभाग के संज्ञान में है। उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया गया है। इस समस्या पर मंथन चल रहा है। शीघ्र ही कोई समाधान निकाला जाएगा।