हृदयघात होने पर मरीज को हृदय रोग विशेषज्ञ का नहीं मिल पाता उपचार
पीजीआई चंडीगढ़ रेफर होने पर मरीज आधे रास्ते में ही तोड़ देते हैं दम
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में हृदय रोग से संबंधित विशेषज्ञ की तैनाती की मांग पूरी नहीं हो पाई है। इस समस्या को लेकर वरिष्ठ नागरिक फोरम और समाजसेवी संस्थाओं की तरफ से (कार्डियोलॉजिस्ट) की तैनाती को लेकर मांग उठाई गई है। इस मांग पर अभी तक कोई कार्रवाई विभाग और सरकार की तरफ से नहीं की गई है।
ऐसे में दिल से संबंधित रोगों के लिए मरीजों को निजी अस्पतालों और पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाई जाती हैं। सरकार की तरफ से बड़े-बड़े अस्पताल भवनों का निर्माण तो किया गया है, लेकिन समय के साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोग आज भी कई सुविधाओं से महरूम हैं। जिले में एक भी सरकारी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। आलम यह है कि क्षेत्रीय अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) न होने से हृदयाघात के मरीज को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। रेफर होने के बाद अधिकतर मामलों में मरीज चंडीगढ़ पहुंचने से पहले दम तोड़ देते हैं।
जिले में अगर किसी को हृदयाघात हो जाए, तो यहां के अस्पताल उसे उपचार देने के लिए सक्षम नहीं हैं। ऐसे में मरीजों के पास पंजाब के निजी अस्पतालों या फिर पीजीआई चंडीगढ़ का रुख करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। लोगों का कहना है कि जिला हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार होना चाहिए। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ होना आज के समय की मांग है। ऊना मुख्यालय से पीजीआई चंडीगढ़ की दूरी करीब 110 किलोमीटर है। ऐसे में मरीज पीजीआई पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ देता है।
कई बार उठाई मांग, पर नहीं हुई तैनाती
वरिष्ठ नागरिक फोरम के अध्यक्ष जीआर वर्मा ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की बड़ी जरूरत है। इस मांग को कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि हृदय रोग से जुड़ी बीमारियों में इजाफा हुआ है। ऐसे में मरीजों की सुविधा के लिए अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञों की तैनाती करना बहुत जरूरी है। इससे मरीज को समय पर उपचार मिल सकेगा और उसकी जान बच सकेगी।
कोट़्स
क्षेत्रीय अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती की अभी कोई व्यवस्था नहीं है। इस समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। आगामी प्रक्रिया विभाग के स्तर पर की जाती है।
डाॅ. संजीव मनकोटिया, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, ऊना