ऊना। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ऊना के तत्वावधान में राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत शिक्षुता प्रशिक्षण पखवाड़े का आयोजन किया गया। पखवाड़े के समापन अवसर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता डीसी संदीप कुमार ने की।
डीसी ने कहा कि राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत नियोक्ताओं को अपने उपक्रमों में आईटीआई प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान है। इसके तहत प्रशिक्षण के दौरान दिए जाने वाले स्टाइपेंड का 25 प्रतिशत (अधिकतम 1500 रुपये प्रतिमाह) केंद्र सरकार नियोक्ता को देती है। उन्होंने कहा कि आईटीआई से विभिन्न ट्रेडस में शिक्षा ग्रहण करने से प्रशिक्षु को व्यावहारिक ज्ञान मिलता है। इससे उन्हें यंत्रों के समुचित प्रयोग, सुरक्षा उपायों, किसी समस्या का समाधान करने और संचार कौशल को विकसित करने में सहायता मिलती है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से प्रशिक्षु को स्वरोजगार के माध्यम से आजीविका कमाने में मदद मिलती है। आईटीआई के प्रधानाचार्य यशपाल सिंह रायजादा ने बताया कि संस्थान की ओर से एक से 15 अक्तूबर तक प्रशिक्षुता प्रशिक्षण पखवाड़े का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रतिभागी प्रशिक्षुओं और नियोक्ताओं को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। योजना के तहत इच्छुक औद्योगिक इकाइयों के पंजीकरण की व्यवस्था भी की गई। इसके अलावा ऐसी इकाइयां जहां यह योजना पहले से ही क्रियाशील है, उनके दावों को पारित किया गया। योजना के कार्यान्वयन में आ रही कठिनाइयों पर भी चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि योजना के तहत जिला ऊना में अब तक सरकारी और निजी क्षेत्र के 58 नियोक्ताओं द्वारा पंजीकरण करवाया गया है।
इन नियोक्ताओं से 111 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से क्षेत्रीय प्रबंधक एचआरटीसी के पास 22, ल्यूमिनस पावर टेक्नोजिज प्राइवेट लिमिटिड के पास 17, नेस्ले इंडिया लिमिटिड के पास 16 और स्विस गार्नियर लाइफ साइंसिंस के पास 13 प्रशिक्षु प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस अवसर पर राज्य प्रशिक्षुता सलाहकार एवं निदेशक तकनीकी शिक्षा हिमाचल प्रदेश शुभकरण सिंह, सहायक निदेशक ललित शर्मा और उपनिदेशक देवेंद्र राणा भी उपस्थित रहे।