ऊना। जिला मुख्यालय ऊना में वाहनों की हैवी ट्रैफिक से निजात के मद्देनजर प्रस्तावित फोरलेन बाईपास के लिए एक कदम और आगे बढ़ गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के माध्यम से फोरलेन बाईपास सर्वे के लिए एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया का कार्य शुरू कर दिया गया है।
18 अक्तूबर से इसके टेंडर बिड के लिए संबंधित सर्वे एजेंसियां आवेदन कर सकेंगी, जबकि ये टेंडर अगले माह 18 नवंबर तक संबंधित एजेंसियों के पास होगा। फिलहाल इसके लिए दस्तावेज आदि के संबंध में अधिकारियों की ओर से कार्य शुरू कर दिया गया है। कंसलटेंसी सर्वे के लिए 45 लाख रुपये की टेंडर वेल्यू तय की गई है। इसके लिए एमओआरटीएच के शिमला स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में बैठक एवं औपचारिकताएं की जा सकेंगी। टेंडर आवंटन के बाद संबंधित एजेंसी ऊना सहित से इसके साथ लगते गांवों से फोरलेन बाईपास के निर्माण को लेकर संभावनाएं तलाशेंगी। इस सर्वे में ऊना से सटे घालुवाल से शुरू होकर एनएच 503ई एक्सटेंशन, ऊना धमांदरी सड़क से मेजर डिस्टि्रक्ट रोड-84 डंगोली व पीजीआई सैटेलाईट सेंटर मलाहत एनएच 503ए सहित साथ लगते क्षेत्र में फोरलेन बाईपास की संभावनाओं के सर्वे को पूरा किया जाएगा।
सर्वे एजेंसी इन स्थानों से ऊना को बाईपास से जोड़ने के लिए यह अध्यनन करेगी कि कहां कितना मार्ग को खोला जा सकता है। इस निर्माण में कहां कितनी आबादी प्रभावित होगी। फिलहाल इस प्रकिया में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) शिमला के क्षेत्रीय कार्यालय अधिकारियों संग राष्ट्रीय उच्च मार्ग लोक निर्माण विभाग हमीरपुर जोन एवं ऊना के अधिकारी भी पूरा सहयोग कर रहे हैं।
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ऊना में फोरलेन बाईपास सर्वे कंसलटेंसी के लिए टेंडर बिड प्रक्रिया की जा रही है। नवंबर माह तक इसमें बिड किया जा सकता है, क्योंकि इसे लेकर केंद्रीय स्तर से कई औपचारिकताएं जुड़ी हैं, तो समाधान के लिए मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री से संपर्क में हैं।
-ई. हरिराम, अधिशाषी अभियंता, राष्ट्रीय उच्च मार्ग लोनिवि, हमीरपुर जोन